सीओ मनीगाछी पर मारपीट और जाति सूचक गाली देने का आरोप,केस दर्ज, वरीय पदाधिकारी से बिना अनुमति प्राथमिकी पर उठे सवाल?
सीओ मनीगाछी पर मारपीट और जाति सूचक गाली देने का आरोप,केस दर्ज, वरीय पदाधिकारी से बिना अनुमति प्राथमिकी पर उठे सवाल?
सीओ मनीगाछी पर मारपीट और जाति सूचक गाली देने का आरोप,केस दर्ज, वरीय पदाधिकारी से बिना अनुमति प्राथमिकी पर उठे सवाल?
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण मुक्त कराने गए मनीगाछी अंचलाधिकारी को महगा पर गया हे ।इस मामले में सीओ पर अनुसूचित जाति / जनजाति थाना में मामला (13/26)दर्ज हुआ हे ।
जानकारी के अनुसार मनीगाछी अंचल के सीओ रविकांत पर एक अनुसूचित जाति की महिला के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली देने के आरोप में मामला दर्ज होने के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह प्राथमिकी दरभंगा के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति थाना दरभंगा में दर्ज की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीगाछी थाना क्षेत्र के राजे पश्चिम वार्ड संख्या-05 निवासी रेखा देवी (55 वर्ष), पति सुकन चौपाल ने आरोप लगाया है कि 16 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे मनीगाछी के सीओ रविकांत अपने दो सहयोगियों के साथ उनके घर पहुंचे और घर को सरकारी जमीन पर बना बताते हुए खाली करने को कहा।
रेखा देवी का कहना है कि जमीन उन्हें बासगीत पर्चा से मिली है और वे कई वर्षों से वहीं रह रहे हैं। आरोप है कि इस पर सीओ ने गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और उन्हें थप्पड़ मार दिया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पति सुकन चौपाल पर भी कथित रूप से हमला किया गया, जिससे उनकी बाईं आंख के पास चोट लग गई और उनका चश्मा टूट गया।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि बीच-बचाव करने आई उनकी विकलांग रिश्तेदार विभा देवी के साथ भी जातिसूचक गाली देते हुए मारपीट की गई। इसके बाद सीओ कथित तौर पर रेखा देवी, उनके पति, विभा देवी और उनकी दो बेटियों को जबरन वाहन में बैठाकर मनीगाछी थाना ले गए और पुलिस को उन्हें बंद रखने का निर्देश दिया।
प्राथमिकी में कहा गया हे कि घायल सुकन चौपाल को पहले पीएचसी मनीगाछी में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच दरभंगा रेफर कर दिया गया। इलाजरत रहने के कारण पीड़िता ने 2 मार्च 2026 को आवेदन देकर मामला दर्ज कराया।
इस संबंध में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति थाना दरभंगा में कांड संख्या 13/26, दिनांक 02.03.2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 323, 341, 504, 506, 126(2), 115(2), 74, 324(4), 329(3), 352, 315 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r)(s)(u) और 3(2)(va) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हालांकि इस मामले में एक और पहलू चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि एससी/एसटी थाना दरभंगा के थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों की अनुमति के बिना ही एक सरकारी पदाधिकारी (सीओ) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।इस मामले में थानाध्यक्ष को चाहिये था कि एसएसपी /डीएम से अनुमति के बाद प्राथमिकी दर्ज करते।
प्रशासनिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या ऐसे मामलों में पहले जिला प्रशासन या वरीय पुलिस पदाधिकारियों से अनुमति आवश्यक होती है या नहीं,क्या यह थानाध्यक्ष को नहीं मालूम हे ?फिलहाल इस मामले को लेकर जिले में चर्चा का माहौल है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।इस मामले को लेकर एससी /एसटी थाना के सरकारी मोबाईल नम्बर 9031824362 पर फोन कर इस मामले से संबंधित जानकारी लेने का 8बजकर 50मिनट पर प्रयास किया लेकिन सरकारी मोबाईल नम्बर बंद था।