नारी शक्ति के शंखनाद से गूंजा बिरौल: “अबला नहीं, बिहार की शान है सबला” अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जीविका दीदियों ने दिखाया दम; चूल्हे-चौके से निकलकर ‘चेंज मेकर’ बनीं ग्रामीण महिलाएं
नारी शक्ति के शंखनाद से गूंजा बिरौल: “अबला नहीं, बिहार की शान है सबला” अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जीविका दीदियों ने दिखाया दम; चूल्हे-चौके से निकलकर ‘चेंज मेकर’ बनीं ग्रामीण महिलाएं
नारी शक्ति के शंखनाद से गूंजा बिरौल: “अबला नहीं, बिहार की शान है सबला”
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जीविका दीदियों ने दिखाया दम; चूल्हे-चौके से निकलकर ‘चेंज मेकर’ बनीं ग्रामीण महिलाएं
दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
“जो महिलाओं का करे अपमान, समझो वो है पशु समान” और “जगत जननी महान है नारी” जैसे गगनभेदी नारों से रविवार को बिरौल की सड़कें और गलियां गूंज उठीं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रखंड परियोजना कार्यान्वयन इकाई (जीविका), बिरौल के तत्वावधान में आयोजित समारोह महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक विराट उत्सव बन गया। क्षेत्र की सभी छह स्वावलंबी सहकारी समितियों और संकुल संघों में आयोजित इस भव्य समागम में सैकड़ों जीविका दीदियों ने अपनी एकजुटता से यह संदेश दिया कि बिहार की नारी अब आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही है।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विभिन्न केंद्रों पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। पृथ्वी जीविका समिति में बीपीएम आमोद कुमार शर्मा एवं सचिव निर्मला देवी, प्रेरणा जीविका फकिरना में अध्यक्ष प्रीति कुमारी, सफल जीविका में झुना देवी, जीवन ज्योति में राधा देवी, हर्ष जीविका में सुलेखा देवी और बसंत जीविका में सामुदायिक समन्वयक इंदु कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर नारी शक्ति का अभिनंदन किया।सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड परियोजना प्रबंधक आमोद कुमार शर्मा ने दीदियों के बढ़ते कदमों की सराहना करते हुए कहा-आज बिहार की जीविका दीदियां केवल ऋण लेने-देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी हैं। अस्पतालों में ‘दीदी की रसोई’, नीरा उत्पादन और ‘सतत जीविकोपार्जन योजना’ के माध्यम से दीदियों ने साबित कर दिया है कि वे समाज में असली ‘चेंज मेकर’ हैं। मुख्यमंत्री के ‘न्याय के साथ विकास’ के संकल्प को ये दीदियां धरातल पर उतार रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बैंक से लेकर प्रशासन तक आज दीदियों की धमक है। अब समय आ गया है कि दीदियाँ घरेलू हिंसा, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ ‘सबला’ बनकर खड़ी हों। स्वच्छता अभियान से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए ‘पोशाक निर्माण’ तक, हर क्षेत्र में दीदियों ने अपनी कुशलता का लोहा मनवाया है।
प्रेरणा जीविका समिति की अध्यक्ष प्रीति कुमारी ने दीदियों में जोश भरते हुए कहा कि आज बिहार सरकार की हर योजना जीविका के बिना अधूरी है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपनी उड़ान को सीमित न रखें और सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने के लिए सूत्रधार बनें।
इस अवसर पर प्रखंड के कई गणमान्य और जीविका कर्मी मौजूद रहे, जिनमें मनोज कुमार, रंजीत कुमार, कृष्णमोहन चौधरी, सहजदी खातून, नितीश कुमार यादव, विकास कुमार, अमित कुमार, सुलो देवी, इंद्रकला देवी, काजल कुमारी, अनुपम कुमारी, पूजा कुमारी, कृष्ण कुमार चौधरी, सर्वजीत मांझी, संगम कुमारी, प्रियंका कुमारी, श्वेता कुमारी, सक्षमा दीदी और सलित कुमारी प्रमुख थे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान पर बल दिया।