दरभंगा में माँ श्यामा महोत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

मिथिला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित माँ श्यामा महोत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन शनिवार को माँ श्यामा मंदिर परिसर में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

उद्घाटन समारोह में संजय सरावगी (विधायक एवं संरक्षक, माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति), दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार, न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.एम. झा, उपाध्यक्ष कमलाकांत झा व प्रो. जयशंकर झा, सह-सचिव प्रो. श्रीपति त्रिपाठी, प्रभारी सह-सचिव मधुबाला सिन्हा सहित कई गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया।

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि पहली बार दरभंगा की पावन धरती पर माँ श्यामा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को नई पहचान देगा। उन्होंने बताया कि मिथिला प्राचीन काल से ही दर्शन, अध्यात्म और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

उन्होंने कहा कि दरभंगा राज परिसर का ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशिष्ट है और यहाँ स्थित माँ श्यामा मंदिर तांत्रिक परंपरा के अनुसार स्थापित किया गया है। राज परिवार की चिताओं पर निर्मित यह मंदिर विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है और इसकी ख्याति देश-विदेश तक फैली हुई है।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मिथिला में शैव और शाक्त परंपरा का गहरा प्रभाव रहा है। संगीत के क्षेत्र में भी दरभंगा का दरभंगा ध्रुपद घराना देश के चार प्रमुख ध्रुपद घरानों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। वहीं मिथिला की प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग आज विश्व स्तर पर सम्मानित है और यह स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन चुकी है।

महोत्सव के अंतर्गत कवि गोष्ठी, विद्वत गोष्ठी, चित्रकला कार्यशाला तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर माँ श्यामा मंदिर, दरभंगा राज परिवार और क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

विधायक संजय सरावगी ने कहा कि माँ श्यामा माई मंदिर न केवल मिथिला बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा महोत्सव के आयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई है और अब यह आयोजन प्रत्येक वर्ष भव्य रूप से किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह मंदिर महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह द्वारा निर्मित कराया गया था और यह मिथिला की शक्ति, आस्था तथा सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।