नीतीश के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नए सीएम पर मंथन तेज,
सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय समेत कई नाम चर्चा में; महिला मुख्यमंत्री के विकल्प पर भी अटकलें

दस्तक 7मीडिया ,पटना/

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद बिहार की राजनीति में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। गुरुवार को विधानसभा पहुंचकर उन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन किया, जिसके बाद यह माना जा रहा है कि अब उनकी सक्रिय भूमिका दिल्ली की राजनीति में अधिक दिख सकती है। ऐसे में पटना में उनके स्थान पर अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर सियासी हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा  के पास बिहार विधानसभा में अधिक विधायक होने के कारण इस बार मुख्यमंत्री पद पर पार्टी का दावा मजबूत हो सकता है। अब तक भाजपा ने सहयोगी दल के नेता के रूप में नीतीश कुमार के नेतृत्व को स्वीकार किया था, लेकिन उनके दिल्ली जाने की स्थिति में पार्टी अपने किसी वरिष्ठ नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है। हालांकि इस विषय पर अभी तक भाजपा या एनडीए की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

कई नामों पर चल रही चर्चा

राजनीतिक गलियारों में कई नेताओं के नाम संभावित मुख्यमंत्री के रूप में चर्चा में हैं। इनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी  का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय , बिहार भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल , उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और पटना के दीघा से विधायक संजीव चौरसिया  का नाम भी चर्चा में है।

इसी बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह  ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पसंद का ही होगा। उनके इस बयान के बाद यह संकेत भी माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए ऐसे नेता को चुना जा सकता है जिनकी नीतीश कुमार से नजदीकी और तालमेल बेहतर हो।

महिला मुख्यमंत्री की संभावना पर भी चर्चा

सियासी हलकों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि भाजपा बिहार में महिला मुख्यमंत्री का कार्ड भी खेल सकती है। पार्टी ने हाल के वर्षों में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने पर जोर दिया है और दिल्ली की राजनीति की तर्ज पर बिहार में भी किसी महिला नेता को मौका दिया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे संभावित रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

नीतीश कुमार अपने कार्यकाल के दौरान महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ी कई योजनाएं लागू करते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर भाजपा महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का फैसला करती है तो यह राजनीतिक रूप से बड़ा संदेश भी हो सकता है।

लोगों में भी चर्चा तेज

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के बाद आम लोगों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने बिहार के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा दी है। ऐसे में उनके बाद किसी नए चेहरे के लिए इस जिम्मेदारी को संभालना चुनौतीपूर्ण होगा।

कुछ लोगों ने इसे नीतीश कुमार का रणनीतिक फैसला बताया है, जबकि कुछ इसे बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर भाजपा और एनडीए के शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर टिकी हुई है, क्योंकि आधिकारिक घोषणा के बाद ही बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकेगा।