बेनीबाद : शिवदाहा में मां भगवती मंदिर परिसर में भजन कीर्तन के साथ मनाया गया होली उत्सव 

दीपक कुमार। गायघाट

गायघाट । बेनीबाद थाना क्षेत्र शिवदहा में मां भगवती मंदिर में बड़े धूमधाम से मैया के चरण में होली गीत के साथ होली उत्सव मनाया गया। युवा नेता संतोष यादव और समाजसेवी सह पंचायत सदस्य पति विजय राय ने बताया कि माँ के चरणों में रंग और गुलाल अर्पित करना होली के पावन अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है, जो सभी कष्टों को दूर करने और सुख-समृद्धि की कामना के लिए किया जाता है। काशी में रंगभरी एकादशी पर माँ चौसठ्ठी देवी को पहला गुलाल चढ़ाने की पुरानी परंपरा है, जहाँ यह प्यार, ऊर्जा और आस्था के उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

मैया के चरण में गुलाल की परंपरा और महत्व:

भक्ति और समर्पण: माता के चरणों में रंग अर्पित करना उन्हें याद करने और आशीर्वाद लेने का एक तरीका है, जैसे कि भजनों में माँ को रंगों का थाल भेंट करने की भावना व्यक्त की जाती है।

होली के रंग: गुलाल होली का अनिवार्य हिस्सा है, जो विभिन्न रंगों (लाल-प्यार, हरा-खुशी) के साथ मिलकर भाईचारे और उल्लास का प्रतीक है।