जागते रहो “का कब लगेगा नारा ??चौकीदारों की जिम्मेदारी को सरकार ने की तय, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जागते रहो “का कब लगेगा नारा ??चौकीदारों की जिम्मेदारी को सरकार ने की तय, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
“जागते रहो “का कब लगेगा नारा ??चौकीदारों की जिम्मेदारी को सरकार ने की तय, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /उत्तम सेन गुप्ता
राज्य सरकार ने चौकीदार संवर्ग के कार्य एवं दायित्व को लेकर स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं। सरकार के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ द्वारा जारी पत्र में सभी जिला पदाधिकारियों और वरीय पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि चौकीदार अपने बीट क्षेत्र में सक्रिय रहकर हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें और समय पर पुलिस प्रशासन को सूचना दें।
बीट में हर गतिविधि पर पैनी नजर
जारी निर्देश के अनुसार चौकीदारों को अपने क्षेत्र में भूमि विवाद, अतिक्रमण, साम्प्रदायिक तनाव, मंदिर-मस्जिद, कब्रिस्तान-श्मशान से जुड़े विवाद, पारिवारिक झगड़े, दहेज उत्पीड़न और बाल विवाह जैसे मामलों की सूचना तत्काल संबंधित थाने को देनी होगी।
इसके साथ ही अवैध शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर रोक लगाने में भी चौकीदारों की अहम भूमिका तय की गई है। क्षेत्र में किसी व्यक्ति द्वारा अचानक वैभव प्रदर्शन या संदिग्ध धनार्जन (साइबर अपराध की आशंका) की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध करानी होगी।
हत्या, लूट, बलात्कार जैसी घटनाओं की तुरंत सूचना अनिवार्य
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि हत्या, बलात्कार, डकैती, लूट, चोरी, अग्निकांड, अपहरण और दंगा जैसी गंभीर घटनाओं अथवा उनकी तैयारी की तत्काल सूचना देना चौकीदार की जिम्मेदारी है, ताकि समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई हो सके।
नहीं ली जाएगी स्कॉर्ट या बैंक ड्यूटी
सरकार ने दो टूक कहा है कि चौकीदारों से कैदी स्कॉर्ट ड्यूटी, बैंक ड्यूटी या निजी आवास ड्यूटी नहीं ली जाएगी। बिहार मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में कैदियों को थाना से न्यायालय लाने-ले जाने का दायित्व चौकीदारों का नहीं होगा।
पंजी में दर्ज होगी हर सूचना
थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि पुलिस हस्तक नियम-112 के तहत चौकीदारों से प्राप्त सूचनाओं को निर्धारित पंजी में अंकित किया जाए। साथ ही नियम-110 के तहत नियमित परेड कराई जाए और प्रत्येक थाना स्तर पर चौकीदारों के साथ कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया जाए।
बीट का होगा पुनर्गठन
वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को बीट का पुनर्गठन एवं सुदृढ़ीकरण कर चौकीदारों की प्रभावी प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कदाचार, अक्षमता या कर्तव्य की अवहेलना की स्थिति में चौकीदारों पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को निलंबन और लघु दंड देने की शक्ति भी प्रदान की गई है।
सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि समय-समय पर समीक्षा कर चौकीदारों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत हो और किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।