दरभंगा: झगरुआ में जाति सूचक और अशोभनीय शब्दों का उपयोग को लेकर विवाद, बुजुर्ग की मौत के बाद आक्रोश,प्रशासन की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में,शांति की अपील

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल अंतर्गत जमालपुर थाना के झगरुआ गांव में दो पड़ोसियों के बीच हुई एक मामूली कहासुनी और जाति सूचक शब्द का उपयोग करते हुए अशोभनीय टिप्पणी ने दुर्भाग्यवश हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक बुजुर्ग अब्दुल सलाम की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में गम और आक्रोश का माहौल है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। परिजनों के अनुसार,जाति सूचक शब्द का उपयोग करते हुए अशोभनीय टिप्पणी कर रहे महिला विमला देवी को ऐसा करने से मना करने


के दौरान हुई बदसलूकी और हमले के बाद अब्दुल सलाम गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल किरतपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही जमालपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी मनीष को हिरासत में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है और कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने डाला डेरा, न्याय का भरोसा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीआईजी मनोज कुमार तिवारी, डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी स्वयं झगरुआ गांव पहुंचे। अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से कर रहा है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, ग्रामीण धैर्य बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।
फिलहाल एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ सह एएसपी प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में जमालपुर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान, बहेड़ा और नदी थाना समेत कई थानों की पुलिस गांव में कैंप कर रही है। स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है।
गांव के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं और जमालपुर पंचायत के मुखिया अफजल अली सहित अन्य गणमान्य लोग भी शांति बहाली के लिए सक्रिय हैं। प्रशासन ने अपील की है कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, और न्याय सुनिश्चित करने के लिए संयम बरतना आवश्यक है।
मौके पर बेनीपुर डीएसपी बासुकीनाथ झा, पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार, अमृत लाल वर्मन, अंचल निरीक्षक महफूज आलम सहित कई एसआई और पुलिस बल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
निष्कर्ष: प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी यह स्पष्ट करती है कि न्याय की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब जिम्मेदारी समाज की है कि वे शांति बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। फिलहाल पोस्टमार्टम के बाद अब्दुल सलाम का शव झगरुआ आने का इंतजार लोग कर रहे हैं।