गायघाट ; 6 महीने में ही शिवदाहा में दो योजनाओं से एक सड़क का हुआ निर्माण, सरकारी का बंदरबाट, अधिकारियों को पता नहीं

दस्तक 7मीडिया /दीपक कुमार 

सरकारी खजाने की लूट और अधिकारियों-ठेकेदारों की मिलीभगत का एक शर्मनाक मामला शिवदहा पंचायत से सामने आया है। यहाँ विकास के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई का मजाक उड़ाते हुए मात्र 6 महीने के भीतर एक ही सड़क को दो अलग-अलग योजनाओं से बना दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

ग्रामीणों और स्थानीय समाजसेवी अजय कुमार सिंह के अनुसार, जिस सड़क का निर्माण अभी हाल ही में हुआ था, उसी पर दोबारा काम कराकर सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया है।
मिलीभगत का खेल: 6 महीने पहले बनी सड़क को दोबारा बनाना यह साबित करता है कि इसमें ठेकेदारों और संबंधित इंजीनियरों की गहरी मिलीभगत है।
घटिया सामग्री का उपयोग: आरोप है कि सड़क निर्माण में अत्यंत घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, ताकि कागजों पर काम दिखाकर राशि हड़पी जा सके।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा: समाजसेवी अजय कुमार सिंह ने इस भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं, जो अब तेजी से वायरल हो रही हैं।
“यह सीधे तौर पर सरकारी खजाने का दुरुपयोग है। जब एक बार सड़क बन चुकी थी, तो 6 महीने के अंदर उसी पर दूसरी योजना लागू करने का क्या औचित्य है? इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”

 अजय कुमार सिंह, ग्रामीण समाजसेवी का प्रशासन से तीखे सवाल

इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और विभागीय निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या विभाग के पास पिछली योजनाओं का रिकॉर्ड नहीं था?
एक ही जगह पर दोबारा स्टीमेट पास करने वाले इंजीनियरों पर कार्रवाई कब होगी?
जनता के टैक्स का पैसा विकास के लिए है या ठेकेदारों की जेब भरने के लिए?

जनता की मांग

क्षेत्र की जनता और समाजसेवी अब इस मामले में डीएम (District Magistrate) और सतर्कता विभाग से जांच की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि दोषियों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज हो और रिकवरी की जाए।