दरभंगा के महिला थाना नाबालिग दुष्कर्म कांड 182/25 में मौनी बाबा को जमानत, कोर्ट की सख्त शर्तें,न्यायालय से बिना अनुमति के मौनी बाबा नहीं जाएंगे दरभंगा से बाहर।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता,

एक नाबालिग से दूष्कर्म के आरोप में संस्थित चर्चित महिला थाना कांड संख्या 182/25 के प्राथमिकी आरोपी कथित संत राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा ने सोमवार को जमानत याचिका के साथ अदालत में आत्मसमर्पण किया।पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद जमानत प्रदान किया।न्यायालय ने 50– 50 हजार रुपये के दो बंधपत्र समर्पित करने का आदेश दिया। लेकिन दो सक्षम जमानतदार द्वारा जमानत बंधपत्र समर्पित करने में हुई बिलम्ब अवधि में अभियुक्त को कोर्ट प्रकोष्ठ में ही रहना पड़ा करीब साढे चार बजे में जमानत बंधपत्र स्वीकार करने के बाद जमानत पर मुक्त कर दिया गया ।वहीं कोर्ट ने आवेदक को बिना न्यायालय को सुचित किये दरभंगा जिला से बाहर नहीं जाने की हिदायत दी। वहीं भविष्य में पीड़िता एवं इस काण्ड की सुचिका को स्वयं अथवा अपने शिष्यों से दबाव नही देने देने या प्रभावित नहीं करने की चेतावनी दी। इस घटना की प्राथमिकी बीएन एस की धारा 351(2)352,89,64(¡) तथा पॉक्सो ऐक्ट की धारा 4/6 के तहत दर्ज की गई है।प्राथमिकी में आरोप है कि आवेदक अभियुक्त मौनी बाबा ने नाबालिग पीड़िता की कथित शादी श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर के साथ करा दिया। बतातें चले कि इस मामलें के आरोपी श्रवण दास इनके भतीजा और शिष्य हैं जो 17 जनवरी से जेल में है। उसका जमानत गत 5 फरवरी को पॉक्सो कोर्ट से खारिज हो चुकी है। बताते चलें कि न्यायालय ने आरोपी की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत आवेदन की सुनवाई के बाद गत 20 फरवरी को याचिका निष्पादित करते हुए न्यायालय में आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत प्राप्त करने का आदेश पारित किया था।इसी परिप्रेक्ष्य में काराधीन कथावाचक श्रवन दास के गुरु राम उदित दास उर्फ मौनी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत कराया है।