राजस्व लक्ष्य हर हाल में करें पूरा, शिथिलता बर्दाश्त नहीं: डीएम

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रहण को सुदृढ़ एवं निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार, दरभंगा में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को राजस्व संग्रहण से संबंधित दायित्वों के निर्वहन में गंभीरता एवं पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी राजस्व की राशि वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक हर हाल में जमा कराई जाए। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास को आवश्यक बताया।

जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यालयों में की गई कर कटौतियों को समयबद्ध रूप से सरकारी खाते में जमा कराना सुनिश्चित करें तथा संबंधित विवरणी समय पर दाखिल करें।

बैठक में राज्य कर संयुक्त आयुक्त, दरभंगा अंचल-1 प्रभारी प्रतिमा कुमारी ने कहा कि जिन कार्यालयों द्वारा स्रोत पर कर कटौती (TDS) की गई है, वे नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर राशि जमा करें और आवश्यक विवरणी अनिवार्य रूप से दाखिल करें। उन्होंने बताया कि ढाई लाख रुपये से अधिक के सभी बिलों पर टैक्स कटौती अनिवार्य है तथा इस वित्तीय वर्ष की कटौती 10 मार्च 2026 तक हर हाल में जमा कर दी जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि टीडीएस की राशि समय पर जमा नहीं करने अथवा विवरणी दाखिल नहीं करने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी पर व्यक्तिगत दायित्व (Personal Liability) निर्धारित किया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिन आपूर्तिकर्ताओं (Supplier) का जीएसटी पंजीकरण रद्द (Cancelled) अथवा निलंबित (Suspended) है, उन्हें किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाए। भुगतान तभी किया जाए जब संबंधित आपूर्तिकर्ता बकाया कर का भुगतान कर अद्यतन विवरणी दाखिल कर दे तथा उनका पंजीकरण पुनः सक्रिय (Active) हो जाए। इस संबंध में सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व संग्रहण राज्य की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का आधार है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी अधिकारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया।!