बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सख्त निर्देश, 31 बाल श्रमिक कराए गए विमुक्त,बिहार राज बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक।
बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सख्त निर्देश, 31 बाल श्रमिक कराए गए विमुक्त,बिहार राज बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक।
बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सख्त निर्देश, 31 बाल श्रमिक कराए गए विमुक्त,बिहार राज बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक।
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
दरभंगा परिसदन में अरविंद कुमार सिंह, माननीय उपाध्यक्ष, बिहार राज बाल श्रमिक आयोग की अध्यक्षता में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, पुलिस विभाग तथा युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में दरभंगा प्रमंडल के उप श्रम आयुक्त राकेश रंजन, सभी प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सहायक निदेशक, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला कौशल प्रबंधक सहित बाल श्रम उन्मूलन के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में माननीय उपाध्यक्ष ने बाल श्रमिकों की विमुक्ति हेतु नियमित धावा दल चलाने तथा दोषी नियोजकों के विरुद्ध अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रतिष्ठानों से अब तक कुल 31 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया है। सभी संबंधित नियोजकों के विरुद्ध थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
साथ ही दोषी नियोजकों से 20 हजार रुपये की राशि वसूल कर जिला बाल श्रम पुनर्वास कल्याण कोष में जमा कराई गई है। राशि जमा नहीं करने वाले नियोजकों के विरुद्ध नीलामपत्रवाद की कार्रवाई भी की गई है।
विमुक्त किए गए सभी बच्चों का उनके आवास के निकटवर्ती विद्यालयों में नामांकन कर शैक्षणिक पुनर्वास सुनिश्चित किया गया है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा प्रत्येक बच्चे को 3000 रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई है तथा माननीय मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त 25,000 रुपये की राशि सावधि जमा कराई गई है, जो उन्हें 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि बच्चों की पुनः बाल श्रम में वापसी रोकने के लिए उनके परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से आच्छादित किया जा रहा है। पात्र परिवारों को राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड एवं लेबर कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
माननीय उपाध्यक्ष ने निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह कम से कम दो दिन रोस्टर के आधार पर सभी प्रखंडों में धावा दल चलाया जाए तथा जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल की जाए। साथ ही सभी ईंट-भट्ठों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करते हुए वहां पाए जाने वाले बाल श्रमिकों को तत्काल विमुक्त कर नियोजकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनका स्थान विद्यालय और खेल का मैदान है, न कि होटल, गैराज या फैक्ट्री। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अधिकार दिलाना और उनका बचपन सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।