आईपीएस डॉ. परवेज़ अख्तर का निधन, पुलिस महकमे में शोक की लहर

दस्तक 7मीडिया ,पटना/दरभंगा 

दरभंगा के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक एवं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. परवेज़ अख्तर के निधन की सूचना से बिहार पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका निधन दिल्ली में हुआ। वे मूल रूप से आरा (भोजपुर) के निवासी थे और अपने लंबे व उत्कृष्ट प्रशासनिक योगदान के लिए जाने जाते थे।

डॉ. अख्तर वर्ष 1992 में अविभाजित बिहार में बीपीएससी के माध्यम से पुलिस उपाधीक्षक (DySP) बने थे। वर्ष 2006 में उन्हें आईपीएस में पदोन्नति मिली। अपने सेवा काल में उन्होंने नवादा सहित कई जिलों में पुलिस कप्तान (एसपी) के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया।

वे बाद में राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में सहायक निदेशक सह डीआईजी के पद पर भी पदस्थापित रहे। अकादमी की स्थापना के बाद वर्ष 2018 बैच से लेकर अब तक सूबे में नियुक्त सभी दारोगा एवं डीएसपी प्रशिक्षुओं को उनकी लिखी चर्चित पुस्तक पुलिस और पुलिसिंग के माध्यम से थाना सिरिस्ता और पुलिसिंग की पढ़ाई कराई जाती रही है।

दिसंबर 2017 के अंत में जब इस पुस्तक का प्रकाशन हुआ, उस समय डॉ. अख्तर बीएमपी-2 के कमांडेंट थे। पुस्तक के प्रकाशन अवसर पर बिहार के तत्कालीन डीजीपी पी.के. ठाकुर ने अपने संदेश में लिखा था कि यह पुस्तक पुलिस विभाग के प्रत्येक पदाधिकारी एवं कर्मी के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। बाद में इसे बिहार पुलिस अकादमी के आधिकारिक पाठ्यक्रम में भी शामिल कर लिया गया।

डॉ. परवेज़ अख्तर अपने सरल स्वभाव, अनुशासित कार्यशैली और प्रशिक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष रूप से याद किए जाएंगे।