बिहार पुलिस का कोचिंग संस्थानों के लिए सख्त निर्देश,

अभिभावकों को सूचना, बायोमेट्रिक अटेंडेंस, सिक्योरिटी ऑडिट और काउंसलिंग अनिवार्य करने की पहल

दस्तक 7मीडिया /पटना

“जन विश्वास संकल्प हमारा” के तहत बिहार पुलिस ने राज्य में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, पारदर्शिता और शैक्षणिक अनुशासन को मजबूत करना है।

जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब कोचिंग संस्थानों को छात्रों की उपस्थिति, प्रदर्शन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाना होगा।

अभिभावकों को अनिवार्य सूचना

कोचिंग संस्थानों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जो छात्र/छात्रा नियमित कक्षा से अनुपस्थित रहते हैं, इसकी सूचना तत्काल उनके अभिभावकों को दी जाए। यदि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है तो मोबाइल मैसेज या नोटिफिकेशन की प्रणाली तत्काल लागू की जाए।

मॉक टेस्ट की रिपोर्टिंग व्यवस्था

MOCK TEST में छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने के लिए स्पष्ट मैकेनिज्म विकसित करने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई संस्थान यह व्यवस्था नहीं अपनाता है तो अभिभावकों के मोबाइल पर परिणाम भेजने की अनिवार्य व्यवस्था करने को कहा गया है।

बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर जोर

छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने पर बल दिया गया है। इससे छात्रों की वास्तविक उपस्थिति की निगरानी की जा सकेगी।

परिवहन सुविधा पर पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

यदि कोई कोचिंग संस्थान छात्रों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराता है, तो वाहन चालक एवं सहायक चालक का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।

दलालों पर कड़ी नजर

नामांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के दलाल या बिचौलियों की भूमिका की गहराई से जांच करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा मामला सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

सिक्योरिटी ऑडिट की अनिवार्यता

कोचिंग संस्थानों को अपने परिसर का SECURITY AUDIT कराने की सलाह दी गई है। यदि अब तक ऑडिट नहीं कराया गया है तो संचालकों को शीघ्र यह प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है, ताकि अग्नि सुरक्षा, आपात निकास और निगरानी प्रणाली की स्थिति स्पष्ट हो सके।

मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग व्यवस्था

छात्रों के मानसिक कल्याण को ध्यान में रखते हुए CAREER COUNSELLING और PSYCHOLOGICAL COUNSELLING की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। इससे छात्रों को पढ़ाई के दबाव और करियर संबंधी निर्णयों में उचित मार्गदर्शन मिल सकेगा।

बिहार पुलिस के इस कदम को छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे अभिभावकों की सहभागिता बढ़ेगी और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही भी तय होगी।