मंडल कारा, दरभंगा में 850 कैदियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा, जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल, 22 फरवरी को पुनः दवा सेवन
मंडल कारा, दरभंगा में 850 कैदियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा, जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल, 22 फरवरी को पुनः दवा सेवन
मंडल कारा, दरभंगा में 850 कैदियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा,
जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल, 22 फरवरी को पुनः दवा सेवन
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत शुक्रवार को मंडल कारा, दरभंगा परिसर में विशेष जागरूकता एवं दवा सेवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जेल अधीक्षक स्नेहलता, उपाधीक्षक श्रीमन नारायण हिमांशु तथा परिधापक संजय कुमार की पहल पर संपन्न हुआ।
इस दौरान पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि चंद्रेश कर्ण ने 850 से अधिक कैदियों को फाइलेरिया रोग के लक्षण, कारण एवं बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक संक्रमणजनित रोग है, जो मच्छरों के काटने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में हाथ-पैरों में सूजन, दर्द, बुखार और थकान शामिल हैं। समय पर दवा सेवन से शरीर में मौजूद परजीवी निष्क्रिय हो जाते हैं और संक्रमण का प्रसार रुक जाता है।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सभी कैदियों को डीईसी और एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। जेल अधीक्षक स्नेहलता एवं कारा चिकित्सक डॉ. सरोज कुमार सुमन ने कहा कि जेल प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर सभी कैदियों को दवा सेवन कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और सभी को इसका सेवन अवश्य करना चाहिए।
कैदियों को यह भी बताया गया कि आगामी 22 फरवरी को पुनः फाइलेरिया रोधी दवा दी जाएगी। चंद्रेश कर्ण ने जानकारी दी कि जिले में चल रहा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) 27 फरवरी तक जारी रहेगा। इस अवधि में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाने एवं जागरूक करने का कार्य करेंगे।
कार्यक्रम के अवसर पर अधीक्षक स्नेहलता, उपाधीक्षक श्रीमन नारायण हिमांशु, परिधापक संजय कुमार, पिरामल फाउंडेशन के चंद्रेश कुमार कर्ण, शुभम राम सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।