2025 बैच के 10 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों का दरभंगा–मधुबनी दौरा संपन्न; विकास परियोजनाओं एवं ऐतिहासिक स्थलों का किया अवलोकन

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

वर्ष 2025 बैच के 10 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के प्रशिक्षु अधिकारी अपने ‘विंटर स्टडी टूर’ के अंतर्गत तीन दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर दरभंगा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं तथा मिथिला की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों का विस्तृत अध्ययन किया।

प्रशिक्षु अधिकारियों का दल 12 फरवरी 2026 को दरभंगा पहुंचा। आगमन उपरांत उन्होंने जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर जिले की प्रशासनिक संरचना, विकास योजनाओं की प्रगति एवं विधि-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

क्षेत्रीय भ्रमण एवं परियोजना निरीक्षण (13 फरवरी 2026)

13 फरवरी को अधिकारियों ने दरभंगा एयर फोर्स स्टेशन, संचालित नागरिक हवाई अड्डा एवं नवनिर्मित एयरपोर्ट एन्क्लेव का भ्रमण किया। इसके उपरांत उन्होंने महत्वपूर्ण ‘आमस–दरभंगा परियोजना’ स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

सांस्कृतिक अध्ययन के क्रम में अधिकारियों ने मधुबनी स्थित मिथिला हाट का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें मिथिलांचल की समृद्ध लोककला, पेंटिंग, हस्तशिल्प एवं पारंपरिक संस्कृति से अवगत कराया गया।

संस्थागत भ्रमण एवं प्रशिक्षण (14 फरवरी 2026)

दौरे के अंतिम दिन 14 फरवरी को प्रशिक्षु अधिकारियों ने वन स्टॉप सेंटर (One Stop Centre), ऐतिहासिक चंद्रधारी संग्रहालय, नरगोना पैलेस, तारामंडल दरभंगा तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें शैक्षणिक, ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका और महत्व से अवगत कराया गया।

दोपहर बाद दरभंगा नगर निगम में एक विस्तृत प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों को शहरी निकाय के कार्यों, वित्तीय प्रबंधन, स्वच्छता, जल निकासी एवं शहरी विकास की चुनौतियों की जानकारी दी गई।

समन्वय एवं प्रस्थान

पूरे कार्यक्रम के दौरान सहायक निदेशक (दिव्यांगजन सशक्तिकरण), दरभंगा, श्री आशीष अमन ने नोडल अधिकारी के रूप में समन्वय की भूमिका निभाई। उनके सहयोग हेतु जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री चंदन भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षु अधिकारियों का यह अध्ययन भ्रमण प्रशासनिक अनुभव, विकास योजनाओं की जमीनी समझ तथा क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।