क्या पॉक्सो एक्ट पर दोहरा रवैया? पटना में सख्ती, दरभंगा में सुस्ती ,सवालों के घेरे में पुलिस व्यवस्था ?कानून की धाराओं में समानता का अधिकार फिर दोहरी नीति कैसे ?
क्या पॉक्सो एक्ट पर दोहरा रवैया? पटना में सख्ती, दरभंगा में सुस्ती ,सवालों के घेरे में पुलिस व्यवस्था ?कानून की धाराओं में समानता का अधिकार फिर दोहरी नीति कैसे ?
क्या पॉक्सो एक्ट पर दोहरा रवैया? पटना में सख्ती, दरभंगा में सुस्ती ,सवालों के घेरे में पुलिस व्यवस्था ?कानून की धाराओं में समानता का अधिकार फिर दोहरी नीति कैसे ?
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
बिहार के राजधानी पटना और दरभंगा में पॉक्सो एक्ट में अलग अलग तरह से की गई कारवाई कई सवालों को जन्म देती हे ?अगर नहीं तो जबरिया रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी सिर्फ अनाफ़ -सनाफ बोलने के कारण क्यूँ हो गई यही नहीं उनके द्वारा दिये गये बयान को लेकर जीतने भी सोशल मीडिया एवं अन्य मीडिया में खबर चलाई गई ,बताया जा रहा हे कि सभी चेनल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी हुई हे हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हे ? ,लेकिन दरभंगा में यह कारवाई क्यूँ नहीं हुई यह सवाल तो बनता हे ?
दरभंगा स्थित महिला थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी (182/25)के मामले में नामजद कथावाचक श्रवण दास उर्फ नटवर की गिरफ्तारी हो चुकी हे लेकिन मौनी बाबा की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई हे ,यही नहीं इस मामले में महिला विकास मंच के संरक्षक की भूमिका संदिग्ध हे और सोशल मीडिया पर कैसे नाबालिग के मामले में अनाफ -सनाफ बोला गया ,बावजूद अब तक पुलिस की और से कारवाई नदारद हे ,जबकि इस मामले में न्यायालय में नाबालिग द्वारा दर्ज बयान में भी इसकी चर्चा बताया जा रहा हे लेकिन केश डायरी या पुलिस के पर्यवेक्षण में यह चर्चा क्यूँ नहीं ?
एक तरफ पटना पुलिस पॉक्सो एक्ट के उल्लंधन में कई सोशल मीडिया पर कारवाई की हे वहीं दरभंगा की पूरी पुलिसिया व्यवस्था मौनी बाबा को बचाने के अथक प्रयास में जुटी हे ,यही नहीं पॉक्सो एक्ट में लापरवाही बरतने वाली महिला थाना में तैनात पुलिस पदाधिकारी पर कोई कारवाई नहीं गई। नाबालिग ने 3दिसंबर को थाने में प्राथमिकी को लेकर आवेदन दिया लेकिन उसके आवेदन पर महिला थाना के अपर थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की ,यह प्राथमिकी 19दिन के बाद तब हुई जब दस्तक 7मीडिया में खबर छपी और लगातार खबरें छापी गई। पुरुष पुलिस पदाधिकारी को अनुसंधानक बनाया गया ,यही नहीं रात के दस बजे नाबालिग के घर दों पुरुष पुलिस पदाधिकारी इस तरह गये जैसे नाबालिग ने ही कोई बड़ी घटना को अंजाम दे दिया हो ?इतना सब कुछ होने के बाद परिजन के द्वारा कई बार एसएसपी और डीआईजी को पत्र देकर अवगत कराया गया ?इसके बावजूद एसएसपी द्वारा पॉक्सो एक्ट में लापरवाही बरतने वाले किसी पुलिस पदाधिकारी पर अबतक कारवाई नहीं की ,यही नहीं सभी पुलिस पदाधिकारी कान में रूई देकर सो गये ,ना मौनी बाबा के अड्डों पर छापेमारी हुई ,और ना ही तकनीक के सहारे मौनी बाबा की गिरफ्तारी हुई ?पुलिस कहती हे छापेमारी की गई हे ?
मजेदार पहलू तो तब हो जाता हे कि पॉक्सो एक्ट के तहत महिला थाना में मामला दर्ज हे और जिला के एक वरीय पुलिस पदाधिकारी यह कहते नजर आ जाते हे कि कहीं भू माफिया का इस मामले में हाथ तो नहीं ?जबकि पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज हे ,इस मामले में भू माफिया कहाँ ?
क्या बिहार में पॉक्सो एक्ट के तहत अलग अलग कानून हे ,पटना में पॉक्सो एक्ट के तहत इतनी शख्त कारवाई हुई हे वहीं दरभंगा में पॉक्सो एक्ट के तहत सिर्फ खाना पूर्ति हो रही हे ?अब तक पुलिसिया कार्यशैली से लगता हे कि जिस मौनी बाबा को बचाने के लिये दरभंगा जिला के तमाम पुलिस पदाधिकारी एक जुट हे अगर पुलिस उस मौनी बाबा की हरकत को भी जांच कर लेती तो पुरा का पुरा सच्चाई लोंगों के सामने आ जाता ?और फिर न्याय संगत बात होती ?अगर सच्चाई का पर्दा उठ जाय तो स्थानीय लोंगों का आस्था से विश्वास उठ जायेंगा ?
यू कहें तो मौनी बाबा के गुफा से लेकर बघौल गांव के स्कूल ,पचाढ़ी के महन्थेय और बलभद्रपुर स्थित मठ में रहने वाले लोग और मौनी बाबा का वह काला सच अगर सामने आ जाय तो आप सुनकर चौक जाएंगे ,दंग रह जाएंगे यू कहें तो ऐसे ऐसे बाबा का काला सच पर्दे से बाहर आता हे तो सनातन धर्म से लोंगों का विश्वास उठ जाएगा ?पुलिस पदाधिकारी भले ही बाबा को बचाने में अपनी ताकत झोंक दे ,लेकिन मौनी बाबा का काला सच दस्तक 7मीडिया बाहर लाएगा और दरभंगा समेत देशवासियों को अवगत कराएगा।