बिरौल के प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर्स ने सीखा अनुसंधान का हुनर, जमालपुर और घनश्यामपुर के क्षेत्रों में दी गई ट्रेनिंग
बिरौल के प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर्स ने सीखा अनुसंधान का हुनर, जमालपुर और घनश्यामपुर के क्षेत्रों में दी गई ट्रेनिंग
बिरौल के प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर्स ने सीखा अनुसंधान का हुनर, जमालपुर और घनश्यामपुर के क्षेत्रों में दी गई ट्रेनिंग
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
पुलिस महकमे में कार्यकुशलता और अनुसंधान की बारीकियों को समझने के लिए बिरौल थाना में पदस्थापित प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण अभियान तेज हो गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को प्रशिक्षु अधिकारियों की एक टीम ने अपने वरीय पदाधिकारी के मार्गदर्शन में क्षेत्र का भ्रमण किया और विभिन्न कांडों के अनुसंधान का जमीनी अनुभव प्राप्त किया।
यह प्रशिक्षण अभियान अंचल पुलिस निरीक्षक महफूज आलम के नेतृत्व में चलाया गया। ट्रेनिंग के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को न केवल कागजी कार्रवाई, बल्कि घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन और केस डायरी तैयार करने के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए।
प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षु अधिकारी पूजा कुमारी,
आभा कुमारी,भार्गवी कुमारी और राहुल कुमार ने
घनश्यामपुर और जमालपुर में कांडों की पड़ताल किया। विशेष रूप से घनश्यामपुर और जमालपुर थाना क्षेत्रों का दौरा किया गया। यहां टीम ने विभिन्न लंबित कांडों के अनुसंधान के तौर-तरीकों को समझा। अंचल निरीक्षक महफूज आलम ने युवा अधिकारियों को बताया कि एक सफल अनुसंधान के लिए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण और स्थानीय इनपुट कितना महत्वपूर्ण होता है।
अंचल पुलिस निरीक्षक महफूज आलम ने बताया कि
युवा पुलिस अधिकारियों के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में जाकर वास्तविक मामलों की जांच करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे कानून की पेचीदगियों को बेहतर ढंग से समझ पाते है। इस व्यावहारिक ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य इन प्रशिक्षु एसआई को फील्ड की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। टीम ने अनुसंधान के दौरान गवाहों के बयान दर्ज करने, वैज्ञानिक साक्ष्यों के महत्व और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन पर विशेष ध्यान दिया। स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस सक्रियता से न केवल मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी, बल्कि नए अधिकारियों को जनता के बीच कार्य करने का अनुभव भी प्राप्त होगा।