कुशेश्वरस्थान में अस्पताल की वेस्ट दवाइयों को खुले में जलाया, विस्फोट से मचा हड़कंप; बाबा नगरी आए एक भक्त घायल
कुशेश्वरस्थान में अस्पताल की वेस्ट दवाइयों को खुले में जलाया, विस्फोट से मचा हड़कंप; बाबा नगरी आए एक भक्त घायल
कुशेश्वरस्थान में अस्पताल की वेस्ट दवाइयों को खुले में जलाया, विस्फोट से मचा हड़कंप; बाबा नगरी आए एक भक्त घायल
दस्तक 7 मीडिया, प्रशांत कुमार, कुशेश्वरस्थान।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुशेश्वरस्थान में वेस्ट दवाइयों के निपटान को लेकर भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर के समीप बाढ़ शरणस्थली भवन के नीचे एक्सपायर्ड और अनुपयोगी दवाइयों को खुले में जलाया जा रहा था। दवाइयों के जलने से उठे जहरीले धुएं और तीखी गैसों के कारण आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, वहीं कई नागरिकों ने आंखों में जलन, खांसी और घबराहट की शिकायत की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल से निकली वेस्ट दवाइयों को बिना किसी सुरक्षा मानक और संरक्षित प्रक्रिया के एक स्थान पर इकट्ठा कर आग के हवाले कर दिया गया। इसी दौरान आग की तीव्रता बढ़ने पर अचानक तेज विस्फोट हुआ। विस्फोट की चपेट में आकर वहां से गुजर रहे बाबा नगरी आए एक श्रद्धालु घायल हो गए। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट (बायो-मेडिकल वेस्ट) के निस्तारण के लिए निर्धारित नियमों की अनदेखी की जा रही है। नियमानुसार ऐसी दवाइयों को अधिकृत एजेंसी या विशेष मशीनों के माध्यम से वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाना चाहिए, लेकिन खुले में जलाने से पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ मानव जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है। लोगों ने प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आरोप है कि यह कृत्य पीएचसी प्रभारी डॉ. मो. सोहराब और हेल्थ मैनेजर के नेतृत्व में किया गया।
मामले की जानकारी अस्पताल निरीक्षण के लिए पहुंचे सोनल कुमार महतो को दी गई। इसके बाद उन्होंने सीओ गोपाल पासवान के साथ दवा जलाने वाले स्थल का निरीक्षण किया और प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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