मेगा क्रेडिट आउटरीच से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती, 26.20 करोड़ की ऋण स्वीकृति, 3400 स्वयं सहायता समूहों को मिला लाभ
मेगा क्रेडिट आउटरीच से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती, 26.20 करोड़ की ऋण स्वीकृति, 3400 स्वयं सहायता समूहों को मिला लाभ
मेगा क्रेडिट आउटरीच से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती,
26.20 करोड़ की ऋण स्वीकृति, 3400 स्वयं सहायता समूहों को मिला लाभ
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय, दरभंगा के तत्वावधान में कृषि एवं एमएसएमई के लिए मेगा क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम का भव्य आयोजन शुक्रवार को लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी, उप महाप्रबंधक रंजीत कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रमुख अरूप कुमार मंडल, नाबार्ड की डीडीएम राजनंदनी, सूक्ष्म वित्त प्रबंधक सुबीर झा, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक, जिला अग्रणी प्रबंधक विकास कुमार, मुख्य प्रबंधक ऋतु रंजन कुमार एवं पंकज चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके बाद जीविका दीदियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्साहपूर्ण हो उठा।
यह कार्यक्रम “एग्रीकल्चर इज बेस्ट कल्चर” एवं “सशक्त कृषि, समृद्ध ग्राम” थीम पर आधारित था। इसका उद्देश्य किसानों, कृषि से जुड़े लाभार्थियों और जीविका समूहों को सस्ती एवं सुलभ ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। बैंक द्वारा कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, सूक्ष्म उद्योग और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान बैंक के दरभंगा क्षेत्र द्वारा कुल 26 करोड़ 20 लाख रुपये की ऋण राशि स्वीकृत की गई, जबकि लगभग 20 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक एवं ऋण स्वीकृति पत्र लाभुकों के बीच वितरित किया गया।
इस अवसर पर केवटी, बहादुरपुर, हनुमाननगर, हायाघाट, बेनीपुर, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वर पूर्वी एवं तारडीह प्रखंडों के करीब 3400 स्वयं सहायता समूहों को ऋण सहायता प्रदान की गई। मंच से ऋण स्वीकृति पत्र प्राप्त करते समय लाभुकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने अपने संबोधन में जीविका दीदियों की सराहना करते हुए कहा कि वे आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी हैं। उनकी मेहनत और आत्मनिर्भरता ने परिवारों और समाज को नई दिशा दी है। उन्होंने महिलाओं से ऋण राशि का सदुपयोग कर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की अपील की।
उप महाप्रबंधक रंजीत कुमार सिंह ने बैंक की विभिन्न योजनाओं री-केवाईसी, घर वापसी स्कीम, किसान क्रेडिट कार्ड, स्वरोजगार ऋण एवं एमएसएमई लोन की जानकारी दी। क्षेत्रीय प्रमुख अरूप कुमार मंडल ने कहा कि बैंक कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए प्रतिबद्ध है।
सूक्ष्म वित्त प्रबंधक सुबीर झा ने बताया कि बैंक अपनी स्थापना से ही ग्रामीण विकास और वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। अधिकारियों ने कहा कि कम ब्याज दर, सरल प्रक्रिया और त्वरित स्वीकृति के माध्यम से किसानों एवं उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन अंजना सोनी एवं निधि सिंह ने किया। समापन अवसर पर लाभुकों ने बैंक एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
इस मेगा क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम से जिले में कृषि, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।