सड़क हादसे में बुझ गए अखतबाड़ा के तीन ‘चिराग’, तीन अलग-अलग चिता पर पंचतत्व में विलीन हुए तीन पक्के दोस्त। मैट्रिक परीक्षा में शामिल होते अंकित

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

 

बिरौल/बड़गांव। दरभंगा जिला अंतर्गत बिरौल थाना क्षेत्र के सुपौल कोठी पुल-सहरसा गंडौर मुख्य मार्ग पर सोनपुर के समीप बुधवार की शाम हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे ने बड़गांव थाना क्षेत्र के अख्तबाड़ा गांव के तीन परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल दीं। हादसे में मृत तीनों युवक अंकित कुमार, विवेक कुमार और पंकज कुमार न केवल एक ही गांव के निवासी थे, बल्कि उनमें गहरी मित्रता भी थी। जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद तीनों युवकों के शव गांव पहुंचे, पूरा गांव चीख-पुकार और करुण क्रंदन से दहल उठा। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस हृदयविदारक घटना के शोक में बुधवार रात से लेकर गुरुवार तक गांव के दर्जनों घरों में चूल्हा तक नहीं जला। हर आंख नम थी और हर जुबां पर बस उन युवकों की यादें थीं। मां रेखा देवी को अपने पुत्र अंकित के पढ़ाई से भविष्य में कुछ अच्छा करने की उम्मीद थी। मृतक अंकित के पिता कैलाश सहनी ने फफकते हुए बताया कि उनका पुत्र आगामी 17 फरवरी से शुरू होने वाली बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाला था। घर में परीक्षा को लेकर तैयारियां चल रही थीं और भविष्य के सपने बुने जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। एक छात्र के जीवन की पहली बड़ी परीक्षा से पहले ही मौत ने उसे अपनी आगोश में ले लिया। गुरुवार को जब तीनों मित्रों की अंतिम यात्रा निकली, तो सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग शामिल हुए। अलग-अलग स्थानों पर हुए दाह संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर दृश्य और भी मार्मिक हो गया।अंकित को उसके दादा शियाराम सहनी ने मुखाग्नि दी। विवेक को उसके दादा भागवत सहनी ने अंतिम विदाई दी,और पंकज का अंतिम संस्कार उसके भाई सुभाष सहनी ने किया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को सन्न कर दिया है। राहगीरों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के कड़े इंतजामों और पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।