सिमरी पुलिस की तत्परता से मिली माँ की मुस्कान, खोई हुई बच्ची को सुरक्षित लौटाया घर,रोती -बिलखती मां के आंसुओं पर थें कई सवाल ?
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
सिमरी चौक पर एक पल की लापरवाही ने एक माँ की दुनिया उजाड़ दी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने कुछ ही देर में उसकी उजड़ी ज़िंदगी को फिर से संवार दिया। सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और उनकी टीम की तत्परता से खोई हुई बच्ची को सकुशल बरामद कर उसकी माँ के हवाले कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ सिमरी चौक बाजार में खरीदारी करने आई थी। वह दुकान पर सामान खरीदने में व्यस्त थी कि अचानक उसका बच्चा आंखों से ओझल हो गया। कुछ ही पलों में खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। माँ बदहवास होकर इधर-उधर दौड़ने लगी। बाजार में अफवाह फैल गई कि किसी बच्चा चोर गिरोह ने बच्ची को उठा लिया है। देखते ही देखते पूरे बाजार में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना तत्काल सिमरी थाना को दी गई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए अपनी टीम को सक्रिय कर दिया। पुलिस बल को बाजार के चारों दिशाओं में तैनात किया गया और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जाने लगी।
करीब कुछ देर की खोजबीन के बाद पुलिस की नजर एक छोटे बच्चे पर पड़ी, जो बाजार के एक किनारे सहमा हुआ खड़ा था। पहचान कर जब उसे उसकी माँ के पास लाया गया तो वह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। माँ ने जैसे ही अपनी बच्ची को सीने से लगाया, उसकी आंखों से राहत के आंसू बह निकले। वहां मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली।
अपनी बच्ची को सुरक्षित पाकर माँ ने सिमरी थाना पुलिस और विशेष रूप से थानाध्यक्ष अरविंद कुमार का आभार जताया। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सजगता की सराहना की।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सजग पुलिस व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई से बड़ी से बड़ी आशंका को भी टाला जा सकता है। सिमरी पुलिस की इस पहल ने न केवल एक बच्ची को सुरक्षित लौटाया, बल्कि एक माँ की टूटती उम्मीदों को भी फिर से जीवित कर दिया।सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि पुलिस की वर्दी में भी लोग इंसान हे ,और कानून के दायरे में काम करना पड़ता हे उन्होंने कहा कि इस कारवाई से खासकर मां को उसकी बच्ची से मिलवाने का वह क्षण भावुक था और उन्हें भी खुशी मिली।
