बिहार में फिर लौट आया डर का दौर,दलित-अति पिछड़ों पर हो रहा बुलडोजर न्याय : फातमी,

बिहार में अपराध का बोलबाला,शराबबंदी बन गई मजाक : फातमी

दस्तक 7 मीडिया ,दरभंगा /

पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने दरभंगा के खाजासराय स्थित अपने आवास पर एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था और मौजूदा सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। मो० अली अशरफ फातमी ने कहा कि बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यह कहते हैं कि जैसे उत्तर प्रदेश में बुलडोजर चल रहा है,वैसे ही बिहार में भी बुलडोजर चलाया जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि यह बुलडोजर सिर्फ दलितों और अति पिछड़े समाज पर ही चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 1990 से पहले वाला डर और अत्याचार का माहौल फिर से लौट आया है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार दलितों और अति पिछड़ों पर हमले हो रहे हैं,हत्याएं हो रही हैं और गरीब लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। दरभंगा जिले के पतोर,कुशेश्वरस्थान के हरिनगर और शहर के बेला इलाके की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सभी उदाहरण सरकार की नाकामी को दिखाते हैं। इसके साथ ही पटना में एक नीट की छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या जैसी घटना ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है।
श्री फातमी ने कहा कि ऐसी घटनाएं इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि सरकार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का डर और प्रभाव पूरी तरह खत्म हो चुका है। बिहार में शराबबंदी कानून होने के बावजूद खुलेआम शराब बिक रही है और होम डिलीवरी तक हो रही है। पूरे राज्य में नशीली दवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है,खासकर युवाओं में,जिससे अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी के नाम पर अवैध कारोबार इतना बढ़ गया है कि बिहार में एक तरह की समानांतर अर्थव्यवस्था (पैरेलल इकोनॉमी) चल रही है। गलत तरीके से कमाए गए पैसे के कारण लोग अवैध हथियार रख रहे हैं और अपराध को अंजाम दे रहे हैं। आज बिहार में महिलाओं के साथ अत्याचार,दुष्कर्म,दलितों,अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर हमले आम बात हो गई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह जागे,दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे और आम लोगों को सुरक्षा दे। इस मौके पर पूर्व विधायक डॉ. फराज फातमी ने बेला की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह एक गरीब परिवार की छह साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई,वह बेहद दिल दहला देने वाली घटना है। इस घटना के बाद लोगों में भारी गुस्सा था और उन्होंने प्रदर्शन किया,लेकिन प्रशासन ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय दर्जनों निर्दोष लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि निर्दोष लोगों पर दर्ज केस वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में बलात्कार और हत्या जैसी घटनाएं आम हो गई हैं और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य श्याम भारती ने हायाघाट के पतोर की घटना पर बोलते हुए कहा कि वहां एनडीए के विधायक और सांसद हैं। दलितों के वोट से सरकार बनी है,लेकिन जब दलितों पर हमला हो रहा है तो जनप्रतिनिधि चुप हैं। उन्होंने मांग की कि दलितों पर बढ़ते अत्याचार को रोका जाए,पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि 12 तारीख को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) और दलित शोषण मुक्ति मंच की ओर से एसपी कार्यालय पर संयुक्त प्रदर्शन किया जाएगा,जिसमें महागठबंधन के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। इस प्रेस वार्ता में राजद नेता गोपाल मंडल,बलदेव राम,राशिद जमाल,सुभाषचंद्र राय,अनिल सिंह,माकपा जिला सचिव मंटू ठाकुर सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।