हरीनगर सियासत से दूर, सौहार्द की ओर बढ़ते कदम; बच्चों की मुस्कान ने दी शांति की दस्तक
हरीनगर सियासत से दूर, सौहार्द की ओर बढ़ते कदम; बच्चों की मुस्कान ने दी शांति की दस्तक
हरीनगर सियासत से दूर, सौहार्द की ओर बढ़ते कदम; बच्चों की मुस्कान ने दी शांति की दस्तक
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरीनगर गांव में पिछले कुछ दिनों की कड़वाहट अब धीरे-धीरे कम होने लगी है। जहां एक ओर राजनीतिक गलियारों में बयानों का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर हरीनगर की जमीन पर शांति और विश्वास की नई कोंपलें फूट रही हैं। गांव की फिजा बदल रही है और इसका सबसे सुंदर प्रमाण गांव के स्कूलों में देखने को मिल रहा है।
हरीनगर की सड़कों पर अब फिर से चहल-पहल दिखने लगी है। सबसे सुखद तस्वीर तब सामने आई जब दोनों समुदायों के बच्चे आपसी भेदभाव और डर को पीछे छोड़कर, हाथों में हाथ डाले एक साथ विद्यालय की ओर बढ़ते दिखे। इन नौनिहालों के बीच न कोई दीवार दिखी और न ही किसी प्रकार की भिन्नता। बच्चों का यह साथ उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो समाज को बांटने की कोशिश करते हैं। गांव में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में एसडीएम शशांक राज और एसडीपीओ सह एएसपी प्रभाकर तिवारी की संयुक्त अध्यक्षता में हरीनगर गांव में छठी बार शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया और गांव में भाईचारा बनाए रखने हेतु कुछ विंदू पर चर्चा की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि निर्दोषों पर नहीं होगी आंच,किसी भी निर्दोष व्यक्ति के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
एसडीपीओ श्री तिवारी ने कहा कि जो लोग डर के कारण गांव छोड़कर बाहर चले गए हैं, वे बेखौफ होकर वापस लौटें। प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। एएसपी प्रभाकर तिवारी ने सख्त लहजे में कहा कि हिंसा और अशांति फैलाने वाले वास्तविक दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
शांति समिति की बैठक में पीड़ित कैलाश पासवान के पिता सहित अन्य परिजनों ने अपनी व्यथा और उम्मीदें साझा कीं। प्रशासन ने उनकी बातों को संवेदनशीलता से सुना और न्याय का भरोसा दिलाया।