दरभंगा में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का डीएम ने किया शुभारंभ,

10 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य, फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा 

जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 17 दिवसीय सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए/आईडीए) का शुभारंभ आज जिलाधिकारी कौशल कुमार द्वारा राज कैम्पस शहरी स्वास्थ्य केंद्र, दरभंगा से किया गया।

जिलाधिकारी ने डीईसी, आइवरमेक्टिन एवं एल्बेंडाजोल दवाओं का स्वयं सेवन कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया तथा उपस्थित लोगों को भी दवा का सेवन कराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि फाइलेरिया जैसी गंभीर एवं अपंगता उत्पन्न करने वाली बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए यह अभियान अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिले के तीन प्रखंड—सदर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान पूर्वी तथा दरभंगा शहरी क्षेत्र में घर-घर जाकर दवा सेवन कराया जाएगा। इस अभियान में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु जिले में कुल 549 दवा वितरण दलों का गठन किया गया है।
सदर प्रखंड : 145 दल
बिरौल : 142 दल
कुशेश्वरस्थान पूर्वी : 72 दल
शहरी क्षेत्र : 190 दल

इस अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 10 लाख 85 हजार से अधिक नागरिकों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिसमें
सदर प्रखंड : 2,78,806
बिरौल : 3,03,625
कुशेश्वरस्थान पूर्वी : 1,72,838
शहरी क्षेत्र : 3,21,149 लोग शामिल हैं।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाएं, गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति एवं दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को दवा नहीं दी जाएगी।

उद्घाटन समारोह में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. ए.के. मिश्रा, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभात कुमार राजू, जिला लेखा प्रबंधक वसंत कुमार, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक रवि कुमार, डीपीसी इंद्रजीत कुमार, बीसीएम मनोज कुमार, वंदना कुमारी, बवन प्रसाद, आशुतोष कुमार, शशिकांत कुमार, मनीष कुमार सहित सहयोगी संस्था पिरामल के प्रशांत झा एवं चंद्रेश कर्ण तथा फाइलेरिया इकाई के सभी कर्मी एवं विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

जिलाधिकारी ने जिले के सभी सम्मानित नागरिकों से अपील की कि वे दवा का सेवन अवश्य करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि दरभंगा जिले को फाइलेरिया से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।