मिथिला की परंपरा, शौर्य और संस्कृति का भव्य संगम,जिला दुर्गा पूजा समन्वय समिति के सम्मान समारोह में युवराज कपिलेश्वर सिंह का तलवार भेंट कर ऐतिहासिक स्वागत।

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

कावेरी मंडपम में जिला दुर्गा पूजा समन्वय समिति, दरभंगा द्वारा दुर्गा पूजा, रामनवमी एवं गणेश पूजा पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। मिथिला की सांस्कृतिक गरिमा और सनातन परंपराओं से ओत-प्रोत इस समारोह में रामबाग के युवराज कपिलेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के आरंभ में समिति के अध्यक्ष मनीष जायसवाल ने मिथिला की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए युवराज कपिलेश्वर सिंह का भव्य स्वागत किया। उन्हें मिथिला की पहचान पाग, चादर एवं शौर्य का प्रतीक तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही राज परिवार के वरिष्ठ सदस्य, पूर्व विभागाध्यक्ष (अंग्रेज़ी) डॉ. हेमपति झा को भी सम्मान प्रदान किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए युवराज कपिलेश्वर सिंह ने कहा कि “संगठित हिन्दू, समर्थ भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि हम सभी का जीवन लक्ष्य होना चाहिए। शक्ति की उपासना का पर्व दुर्गा पूजा और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव रामनवमी हमारी सनातन संस्कृति के मजबूत आधार स्तंभ हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि आज जिन पूजा समितियों को सम्मानित किया जा रहा है, यह पुरस्कार केवल विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि उनकी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण का प्रमाण है।
“आपकी एकता ही दरभंगा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण बिहार की शक्ति है,”यह संदेश उन्होंने पूरे जोश के साथ दिया।

इस अवसर पर दुर्गा पूजा, रामनवमी एवं गणेश पूजा के दौरान उत्कृष्ट व्यवस्था, अनुशासन और आकर्षक झांकियों के लिए विभिन्न समितियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. हेमपति झा सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, पूजा समिति के पदाधिकारी एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा माहौल सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और मिथिला गौरव से गूंजता रहा।