दरिंदगी के बाद बवाल: मासूम को न्याय दिलाने में बाधा बने उपद्रवी, सड़क जाम और पत्थरबाज़ी से शहर में अफरातफरी

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

पांच वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म और निर्मम हत्या की घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस अमानवीय वारदात के बाद जहां एक ओर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस हर स्तर पर कार्रवाई में जुटी है, वहीं दूसरी ओर आक्रोश की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सड़क जाम, पुलिस पर पत्थरबाज़ी और हंगामा खड़ा कर दिया गया। हालात इस कदर बिगड़े कि शहर के कई इलाकों में अफरातफरी का माहौल बन गया।

घटना के विरोध में आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी शुरू कर दी। देखते ही देखते भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवी तत्वों ने कानून को हाथ में लेते हुए पुलिस पर पत्थरबाज़ी शुरू कर दी। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठी-डंडे का प्रयोग करते हुए भीड़ को खदेड़ना पड़ा। इस दौरान कई स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद थे, जिससे तनाव और बढ़ गया।

सूत्रों के अनुसार, सड़क जाम और पुलिस पर हमले के मामले में स्थानीय कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होना तय माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था भंग करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

इधर, वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की गहन जानकारी ली। एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आरोपी को शख्त से शख्त सजा दिलाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मामले में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है, जो न्यायिक प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है।

एसएसपी ने यह भी कहा कि यदि पुलिस की कार्रवाई में बार-बार बाधा डाली जाती है, तो साक्ष्य संकलन और अनुसंधान प्रभावित हो सकता है, जिसका सीधा नुकसान पीड़ित परिवार को ही होगा। ऐसे में आम लोगों से अपील की गई है कि वे कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, ताकि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि जहां एक ओर पूरा सिस्टम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर कुछ शरारती और उपद्रवी तत्व इस दर्दनाक घटना को दूसरा रंग देकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे तत्वों की हरकतों का कोई औचित्य नहीं है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का साफ संदेश है ,न्याय होगा, लेकिन कानून के दायरे में रहकर।

थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने कहा कि घटना के तुरंत बाद चिन्हित कर आरोपी को बड़ी मशक्कत से पकड़ लिया गया हें बावजूद ऐसी घटनाओं को लोग अंजाम दे रहें हें जो न्याय संगत नहीं हें।