करोड़ों का बना जल मीनार किस काम का जो लोगों का प्यास ही नहीं बुझा सके। विभाग का संचालन भगवान भरोसे,विभागीय पदाधिकारी रहते हैं नदारद।
करोड़ों का बना जल मीनार किस काम का जो लोगों का प्यास ही नहीं बुझा सके। विभाग का संचालन भगवान भरोसे,विभागीय पदाधिकारी रहते हैं नदारद।
बिरौल में सरकारी पेयजल की व्यवस्था से लोग हैं परेशान, कहते हैं इस सप्लाई को डिसकनेक्ट कर लेने में ही है भलाई, चूंकि लोगों को सरकारी पेयजल का नहीं करना पड़ेगा इंतजार।
करोड़ों का बना जल मीनार किस काम का जो लोगों का प्यास ही नहीं बुझा सके। विभाग का संचालन भगवान भरोसे,विभागीय पदाधिकारी रहते हैं नदारद।
बिरौल।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का बना जल मीनार किस काम का जो लोगों का प्यास ही बुझा न सके। पिछले 15 दिनों से जल सप्लाई बंद है, लोग इसके चालू होने के इंतजार कर जब विभाग के पदाधिकारी को सूचना देते हैं तो तकनीकी खराबी एवं अन्य समस्या का हवाला देकर अपना मोबाईल बंद कर लेते हैं। ऐसे में सरकार का हर घर नलजल योजना कैसे सफल हो पायेगा,जब तक विभाग के निचले स्तर के अभियंता अपने कार्य के प्रति संवेदनशील नहीं होंगे। बिरौल के दर्जनों लोगों का कहना है कि विभाग अपने मनमर्जी का मालिक है। उसके कर्मचारी की इच्छा होगी तभी शहरी क्षेत्र वासियों को पानी मिल पायेगा। इसके लिए आप विभाग के अभियंता को सूचना भी देंगे तो आपकी बातों को अनदेखी कर दी जायेगी। इस लिए अच्छा होगा कि लोगों को सरकार के पीएचईडी विभाग से मिलने वाली पानी सुविधा को डिसकनेक्ट करने में ही भलाई है। तब आपको सरकारी पानी आने का इंतजार नहीं करना होगा। जी हां यह कहना है बिरौल प्रखंड के सुपौल वासियों का। कैसी विडंबना है कि लोगों के घरों तक स्वच्छ जल पहुंचने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है। जिसके तहत जल निर्माण से लेकर किमती मशीन के अलावा पुरे क्षेत्र में जमीन के निचे से पाइप बिछाने का कार्य किया गया है। बावजूद विभाग की ओर से बिरौल के सुपौल वासियों को सही तरीके से जल सप्लाई करने के बजाय महीनों विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए बंद कर रखती है। ऐसे में सरकारी जल के आने के उम्मीद में लोग दिन से लेकर रात गुजार देते हैं। स्थानीय लोगों में विनोद कुमार, महेश कुमार,मनीष कुमार,राजेंद्र सहनी मो.खालिद, मो.दाउद सहित दर्जनों लोगों का कहना है कि कभी मोटर खराबी तो कभी पाईप क्षतिग्रस्त होने का हवाला देकर विभाग के कर्मी जल सप्लाई को महिनों बंद कर रखते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि लोक अभियंत्रण विभाग के अभियंता बिरौल के कार्यालय आते ही नहीं है। आखिर यहां के लोगों की इस समस्या को सुनने वाला भी तो चाहिए। अच्छा होगा कि सरकार को हर घर नलजल योजना बंद ही कर देना चाहिए।