दरभंगा में जीविका दीदियों के लिए शासन एवं नेतृत्व विषय पर तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दरभंगा स्थित श्यामा रेजीडेंसी होटल में आयोजित हुआ, जिसमें जिले के सभी 32 मॉडल संकुल संघों के एंकर पर्सन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला आईबीसीबी टीम द्वारा आईबीसीबी प्रबंधक श्री शांतनु ठाकुर के नेतृत्व में किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दीदियों के संगठनों के सतत विकास हेतु मजबूत शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और कुशल नेतृत्व अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, ताकि दीदियों को संगठन संचालन से जुड़ी व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक जानकारी मिल सके।
प्रशिक्षण सत्रों का संचालन जिला प्रशिक्षण पदाधिकारी अमित सिंह एवं कुमार उत्तम द्वारा सरल, प्रभावी एवं रोचक तरीके से किया गया।
उन्होंने संकुल संघ के पंजीकरण, वार्षिक आम सभा, कार्यकारिणी की भूमिका, आगामी कार्ययोजना, साथ ही शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन एवं संगठन की मजबूती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान समूह गतिविधियों, खेलों एवं अभ्यास सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों में शासन एवं नेतृत्व की व्यवहारिक समझ विकसित की गई। केस स्टडी के माध्यम से यह बताया गया कि सफल संगठन किस प्रकार कार्य करते हैं और किन प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।
इसी क्रम में संचार प्रबंधक राजा सागर ने केस स्टडी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि केस स्टडी किसी भी संगठन की सफलता, संघर्ष, नवाचार एवं उपलब्धियों का सजीव दस्तावेज होती है, जो न केवल वर्तमान कार्यों के मूल्यांकन में सहायक होती है, बल्कि भविष्य की योजनाओं के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करती है।
उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में जीविका दीदियों के कार्यों एवं उपलब्धियों को लिखित एवं दृश्य माध्यमों में नियमित रूप से संकलित किया जाना चाहिए, ताकि अन्य समूह भी उससे प्रेरणा ले सकें।
क्षेत्रीय समन्वयक सोफिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है, जिसका उपयोग वे प्रखंड अंतर्गत जीविका दीदियों को प्रशिक्षित करने में करेंगी, जिससे सामुदायिक संगठन और अधिक सशक्त होंगे।
प्रशिक्षण के अंतर्गत सीबीओ (CBO) एचआर प्रणाली, कैडर चयन प्रक्रिया, इकरारनामा, निष्कासन नीति, सीएलएफ कैडर की भूमिका, कार्य मूल्यांकन, समीक्षा प्रक्रिया एवं मानदेय भुगतान प्रणाली की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्रतिभागियों में नेतृत्व क्षमता, संगठनात्मक दक्षता, आत्मविश्वास एवं कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने संकुल संघों में लागू करने का संकल्प लिया।