डीएम की सख्ती: स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही नहीं, माह के अंत तक 1.25 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का अल्टीमेटम

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी  कौशल कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों, सेवाओं एवं योजनाओं की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयुष्मान भारत योजना, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, दवा उपलब्धता, ओपीडी संचालन सहित सभी प्रमुख स्वास्थ्य इंडिकेटरों की विस्तार से समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि माह के अंत तक 1.25 लाख आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाए जाएं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड निर्माण में जिला राज्य स्तर पर तीसरे स्थान पर है, लेकिन लक्ष्य प्रथम स्थान प्राप्त करने का होना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सुपात्र लाभुकों, विशेषकर जन वितरण प्रणाली (PDS) के उपभोक्ताओं को आयुष्मान कार्ड से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। अब तक जिले में 19.5 लाख से अधिक पात्र नागरिकों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है।

जिलाधिकारी ने सभी गर्भवती महिलाओं की आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पहचान कर उनकी नियमित मासिक एएनसी जांच सुनिश्चित करने तथा शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में
• चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर,
• प्रसव कक्ष में तैनात स्टाफ, एएनएम एवं पैरामेडिकल कर्मियों का
अद्यतन रोस्टर डिस्प्ले साइन बोर्ड पर अनिवार्य रूप से लगाया जाए।
सभी पीएचसी प्रभारियों को इसे 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी पीएचसी एवं सीएचसी में मानक के अनुरूप आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। दवा की कमी की शिकायत मिलने पर संबंधित पदाधिकारी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने रोगियों के लिए बैठने, पेयजल, शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, आधे घंटे से अधिक मरीजों को न बैठाने तथा सभी दवाएं स्वास्थ्य केंद्र से ही उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

अस्पताल वार्डों में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं चिकित्सकों द्वारा मरीजों की नियमित जांच, परिवार नियोजन कराने वाले मरीजों को बेड सुविधा, तथा मुख्यमंत्री के साथ निश्चय पार्ट-3 के तहत सभी रोगियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने ईसीजी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे एवं पैथोलॉजी जैसी सुविधाओं को आवश्यकतानुसार सभी मरीजों को उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने को कहा।

सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को स्वास्थ्य इंडिकेटरों में सुधार, समय पर ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा अपलोड, ओपीडी में अधिक मरीज देखने, डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति तथा ओपीडी समय पर शुरू करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही सभी पीएचसी में उपलब्ध ईसीजी, अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे मशीनों को क्रियाशील रखने पर जोर दिया गया।

प्रसव को बढ़ावा देने के लिए आशा एवं एएनएम के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सभी स्वास्थ्य इंडिकेटरों में ठोस एवं स्पष्ट सुधार दिखना चाहिए।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क श्री सत्येंद्र प्रसाद, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी श्री अमरेंद्र कुमार मिश्रा, जिला स्वास्थ्य प्रबंधक श्री प्रभात कुमार राजू सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।