दरभंगा में एनआईआरडी हैदराबाद के निदेशक का सफल दो दिवसीय भ्रमण, महिला समूहों के आर्थिक–तकनीकी सशक्तिकरण में एआई की भूमिका पर दिया जोर
दरभंगा में एनआईआरडी हैदराबाद के निदेशक का सफल दो दिवसीय भ्रमण, महिला समूहों के आर्थिक–तकनीकी सशक्तिकरण में एआई की भूमिका पर दिया जोर
दरभंगा में एनआईआरडी हैदराबाद के निदेशक का सफल दो दिवसीय भ्रमण,
महिला समूहों के आर्थिक–तकनीकी सशक्तिकरण में एआई की भूमिका पर दिया जोर
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
एनआईआरडी, हैदराबाद के निदेशक (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जे.आर.के. राव का जीविका परियोजना के अंतर्गत दरभंगा जिले में आयोजित दो दिवसीय भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
भ्रमण का मुख्य उद्देश्य जीविका से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों एवं सामुदायिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका को समझना तथा उसके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देना था।
भ्रमण के प्रथम दिन श्री राव ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में संचालित ‘दीदी की रसोई’ का निरीक्षण किया। उन्होंने दीदियों की कार्यशैली, पाक-कला, तकनीकी कौशल एवं प्रबंधन व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं किफायती दरों की उन्होंने विशेष सराहना की।
शाम के समय जिला अतिथि गृह में विभिन्न प्रखंडों की जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दीदियों के अनुभव, आवश्यकताओं एवं चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही आधुनिक तकनीक एवं वित्तीय सहयोग के विस्तार पर विचार-विमर्श किया गया।
बेनीपुर की फूल देवी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। वर्तमान में वे प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं तथा अतिरिक्त वित्तीय सहयोग मिलने पर सिलाई केंद्र संचालन की इच्छा जताई।
भ्रमण के दौरान श्री राव ने सिंहवाड़ा प्रखंड के सिमरी स्थित साधना ग्राम संगठन एवं उज्जवला कृषि उत्पादक कंपनी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आजीविका गतिविधियों की समीक्षा की तथा महिला सदस्यों से संवाद किया। उत्पादन से जुड़ी दीदियों ने आधुनिक मशीनों की आवश्यकता बताते हुए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग रखी, जबकि कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी दीदियों ने उत्पादन क्षमता एवं पशु संख्या बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
श्री राव ने जीविका दीदियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक एवं एआई के माध्यम से उत्पादन, प्रबंधन एवं विपणन को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने महिला उद्यमियों को नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा कि जिले की जीविका दीदियां विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से निरंतर सराहनीय कार्य कर रही हैं। तकनीकी नवाचार, आधुनिक प्रशिक्षण एवं पर्याप्त वित्तीय सहयोग से वे अपने उद्यमों का और विस्तार कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं, जिससे जिले में महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में श्री प्रेम प्रकाश (एसपीएम-एमआईएस) एवं श्री विश्व विजय (एसपीएम-आरसी) ने जानकारी दी कि जीविका के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी एवं वित्तीय रूप से सशक्त बनाने हेतु लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर राज्य कार्यालय से श्री प्रेम प्रकाश (एसपीएम-एमआईएस), श्री विश्व विजय (एसपीएम-आरसी), डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी, जिला मेंटर माधवी चौधरी, शान्तनु ठाकुर, राजा सागर, आशीष कुमार, अशोक रंजन, मनोरमा मिश्रा सहित अन्य विषयगत प्रबंधक एवं बीपीएम उपस्थित थे।