आय से अधिक संपत्ति मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता गिरफ्तार,

निगरानी का बड़ा शिकंजा: बालेश्वर राम दबोचे गए, दरभंगा–पटना–बेतिया में एक साथ छापेमारी,

90 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति का आरोप, डीएमसीएच में मेडिकल के बाद पटना ले जाया गया

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सख्त मुहिम के तहत निगरानी विभाग की विशेष इकाई ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता बालेश्वर राम को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर लिया। यह मामला निगरानी विभाग में पहले से दर्ज था, जिस पर जांच के बाद कार्रवाई की गई।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद निगरानी टीम अभियंता को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में मेडिकल जांच के लिए ले गई, जहां औपचारिकता पूरी करने के बाद उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु पटना रवाना किया गया।

दरभंगा और पटना में एक साथ छापेमारी

गिरफ्तारी के साथ ही निगरानी विभाग ने अभियंता से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। लहेरियासराय स्थित उनके आवास पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विधिसम्मत तरीके से तलाशी ली गई। बताया गया कि यह मकान किराये का है और बंद पाए जाने पर ताला तोड़कर तलाशी की गई। इसके साथ ही अभियंता को साथ लेकर पटना स्थित उनके आवास पर भी छापेमारी के लिए टीम रवाना हुई।

90 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति का दावा

निगरानी विभाग के अनुसार, बालेश्वर राम वर्तमान में बिरौल अनुमंडल में पदस्थापित थे और अधिकांश सरकारी कार्य अपने आवास से ही संचालित करते थे। जांच में सामने आया है कि उनकी घोषित आय की तुलना में करीब 90 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की गई है। इसी आधार पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

तीन जिलों में तलाशी, आठ सदस्यीय टीम जुटी

इस पूरे अभियान का नेतृत्व निगरानी विभाग के डीएसपी विंध्याचल प्रसाद एवं शशिशेखर चौधरी कर रहे हैं। कुल आठ सदस्यीय निगरानी टीम दरभंगा, पटना और बेतिया में अभियंता के संभावित ठिकानों की गहन जांच में जुटी हुई है।
कार्रवाई के दौरान लहेरियासराय थाना की पुलिस एवं अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और छापेमारी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

दस्तावेज, बैंक खाते और निवेश खंगाले जा रहे

निगरानी विभाग की टीम अभियंता से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, अचल संपत्तियों और निवेश संबंधी रिकॉर्ड खंगाल रही है। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी और जांच पूरी होने के बाद बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।