बिहार पुलिस की मानवता:डायल-112 में तैनात पु०अ०नि० की सूझबूझ से पुल से कूदने जा रही महिला और मासूम की बची जान

दस्तक 7मीडिया ,नवगछिया (भागलपुर)

बिहार पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता एक बार फिर मानवता की मिसाल बनी है। दिन मंगलवार यानि  03 फरवरी 2025 को एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ विक्रमशिला पुल से गंगा नदी में छलांग लगाने का प्रयास कर रही थी। यह दृश्य किसी भी राहगीर के लिए स्तब्ध कर देने वाला था।

इसी दौरान संयोगवश वहां से गुजर रहे नवगछिया पुलिस जिला के डायल-112 में तैनात पु०अ०नि० सिकंदर कुमार की नजर महिला और बच्चे पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांपते हुए उन्होंने बिना एक पल गंवाए साहस और सूझबूझ का परिचय दिया।

पु०अ०नि० सिकंदर कुमार ने तत्परता दिखाते हुए महिला से संवाद स्थापित किया, उसे शांत किया और सही समय पर हस्तक्षेप कर महिला एवं उसके मासूम बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और दो जिंदगियां बच गईं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा। महिला और बच्चे को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई तथा महिला की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए परामर्श की व्यवस्था भी की गई।

यह घटना न सिर्फ बिहार पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि वर्दी के पीछे एक संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान खड़ा होता है।
डायल-112 जैसे आपात सेवा में तैनात कर्मियों की ऐसी मानवीय पहल समाज में भरोसा और सुरक्षा की भावना को और मजबूत करती है।

बिहार पुलिस को सलाम, जिनकी वजह से आज एक मां और उसके बच्चे की जिंदगी फिर से मुस्कुरा उठी।