महिला थाना कांड 182/25 में बड़ा खुलासा: पीड़िता ने महिला थानाध्यक्ष पर लगाया साक्ष्य से छेड़छाड़ का आरोप, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश,परिजनों ने एसएसपी पर जताया भरोसा।

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

महिला थाना कांड संख्या 182/25 में अनुसंधान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की सूचिका  ने सोमवार को वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा से मिलकर महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी एवं अपर थानाध्यक्ष मधुबाला के विरुद्ध गंभीर लापरवाही, त्रुटिपूर्ण अनुसंधान और अभियुक्त को बचाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए दोनों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने की मांग की हें।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि अभियुक्त श्रवण दास की गिरफ्तारी के बाद जिस मोबाइल फोन को जब्त दिखाया गया है, वह मोबाइल नंबर उसने प्राथमिकी में कभी दिया ही नहीं था। इसके बावजूद महिला थानाध्यक्ष ने किसी दूसरे मोबाइल को जब्त दिखाकर अभियुक्त का बयान दर्ज कर लिया और यह लिख दिया कि उक्त मोबाइल में पीड़िता का कोई अश्लील फोटो या वीडियो नहीं पाया गया।प्राथमिकी में सूचिका द्वारा दिये नम्बर को अबतक जब्त नहीं करना और दूसरे अज्ञात नंबर को बरामद कर केश डायरी में अंकित करना मतलब तो साफ हें कि निश्चित रूप से महिला थानाध्यक्ष अभियुक्त पक्ष को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी हें और पुलिस महकमे के लिये यह शर्मनाक हें।

पीड़िता का कहना है कि यह कृत्य स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि महिला थानाध्यक्ष अभियुक्त को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। इतना ही नहीं, अनुसंधान के दौरान दर्जनों अन्य गंभीर बिंदुओं पर उन्होंने लापरवाही बरती हें , जो किसी भी हाल में बर्दाश्त करने योग्य नहीं हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर को मोबाइल पर निर्देश दिया कि महिला थानाध्यक्ष द्वारा अनुसंधान में की गई गड़बड़ियों की जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन समर्पित करें। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि मामले का अनुसंधान तेजी और निष्पक्षता से पूरा किया जाए।

वरीय पुलिस अधीक्षक की त्वरित कार्रवाई से पीड़िता को न्याय की उम्मीद जगी है। पीड़िता ने कहा कि उन्हें अब पूर्ण विश्वास है कि महिला थानाध्यक्ष एवं अपर थानाध्यक्ष के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तय है और सच्चाई सामने आएगी।