शनिवार को शाम के 03:00 PM में ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय दरभंगा के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय अंतर्गत शिक्षा विभाग में ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय दरभंगा एवं IRISE – IISER पुणे के संयुक्त तत्वावधान में कैपिसिटी ब्लीडिंग वर्कशॉप फॉर अर्ली करियर रिसर्च लेवल वन पर आयोजित तीन दिवसीय वर्कशॉप का आज समापन हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मानविकी संकाय के डीन प्रो. मंजू रॉय उपस्थित हुए, साथ हीं शिक्षा संकाय के डीन डॉ. शशि भूषण रॉय, शिक्षा शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. एम. ए. हाशमी, अखिलेश मिश्रा, शंभु प्रसाद , मानू के सहायक प्राध्यापक डॉ. मुजफ्फर इस्लाम, पुणे से टेक्निकल टीम के रूप में डॉ. मानवा दिवाकर जोशी , मिलिंद चौधरी, मो. तकी शामिल रहे।
इस समापन कार्यक्रम में शिक्षा संकाय के डीन डॉ. शशि भूषण राय ने इस वर्कशॉप के समापन पर कहा कि इस प्रकार का वर्कशॉप विश्विद्यालय के शोध को एक नए आयाम देगा और विश्वविद्यालयों को एक नया दिशा प्रदान करेगा, जिससे कि यह विश्विद्यालय अपनी नई पहचान स्थापित कर सकेगा, भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम और भी आयोजित किए जाएंगे।
इसके उपरांत शिक्षा शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एम. ए. हाशमी ने कहा कि संप्रेषण एवं प्रस्तुतिकरण के द्वारा शोध कार्य को सरल एवं उपयोगी बनाने हेतु स्व तार्किक तार्किक तरीके से शोधार्थियों के लिए यह कार्यशाला अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
मानवा दिवेकर जोशी ने शिक्षण अधिगम हेतु आकलन एवं मूल्यांकन में अंतर को बताते हुए शोध कार्य को कैसे किया जाए इसकी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
विशेषज्ञ डॉ. मिलिंद चौधरी ने तार्किक सोच एवं समस्या समाधान विधियों के द्वारा शोध को सरल एवं आसान बनाने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. निधि वत्स के द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम के सफलता के उपलक्ष्य में शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. एम. ए. हाशमी के द्वारा शोधार्थी सुबेश ठाकुर, मो. वकार, श्रीनिवास एवं पवन को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अनूप, आरिफ अहमद , राकेश, निशांत , सर्वेश, राजेश चौहान , साधना, अजरा सदफ, सानिया साबरी , राहुल, रुही, शमशेर, शिवम , ओईड्रीला मैती, सबिता , कृष्णा , वसीम समेत दर्जनों शोधार्थी की भूमिका सराहनीय रहा ।