पुण्यतिथि पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भावभीनी श्रद्धांजलि, कुष्ठ निवारण का दिया गया संदेश

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (शहादत दिवस) के अवसर पर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी कौशल कुमार सहित जिले के वरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा दो मिनट का मौन धारण किया।

श्रद्धांजलि सभा में उप विकास आयुक्त स्वप्निल, नगर आयुक्त  राकेश कुमार गुप्ता, अपर समाहर्त्ता (विभागीय जांच)  राकेश कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क  सत्येंद्र प्रसाद, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी  बालेश्वर प्रसाद, उप निर्वाचन पदाधिकारी सुरेश कुमार, नजारत उप समाहर्त्ता  पवन कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी ने कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति सेवा, स्नेह और करुणा का संदेश दिया। कुष्ठ रोगियों के प्रति उनके मानवीय दृष्टिकोण के कारण ही 30 जनवरी को कुष्ठ निवारण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी संदेश को साझा करते हुए कहा कि कुष्ठ रोग की पहचान सरल है और इसका पूर्ण इलाज संभव है। यदि शरीर पर ऐसे दाग या धब्बे हों जिनमें दर्द या खुजली न हो और जो जन्म से न हों, तो यह कुष्ठ रोग का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है। समय पर इलाज और एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) का पूरा कोर्स लेने से यह रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि उपचार के बाद कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति से संक्रमण नहीं फैलता और उनके साथ किसी भी प्रकार का सामाजिक भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। उपचार न कराने की स्थिति में रोग बढ़ सकता है और दूसरों में संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। इसलिए संदिग्ध लक्षण मिलने पर तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश को कुष्ठ मुक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कुष्ठ रोग से उपचार करा चुके विकृति युक्त व्यक्तियों को नियमित नि:शुल्क चिकित्सा, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन दिलाने हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कुष्ठ उन्मूलन से संबंधित शपथ भी दिलाई गई, जिसमें कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव न करने, उन्हें उपचार हेतु प्रेरित करने तथा महात्मा गांधी के कुष्ठ मुक्त भारत के सपने को साकार करने का संकल्प लिया गया।

इसके पश्चात लहेरियासराय टावर स्थित बापू की प्रतिमा पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, उप निदेशक जनसंपर्क, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा बारी-बारी से माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर राष्ट्रपिता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।