सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु 80 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटरों का प्रशिक्षण संपन्न,

10 फरवरी से दरभंगा जिले में चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

फाइलेरिया जैसी गंभीर और अपंगता पैदा करने वाली बीमारी के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आगामी 10 फरवरी से जिले में शुरू होने वाले सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) को सफल बनाने के उद्देश्य से आज जिला टीबीडीसी भवन के सभागार में शहरी क्षेत्र के लिए 80 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटरों का एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भीडीसीओ मनीष कुमार के नेतृत्व में किया गया, जबकि पिरामल संस्था के चंद्रेश कर्ण द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. ए.के. मिश्रा ने की।

डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है, जिसका कोई स्थायी इलाज नहीं है। इससे बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय समय पर और पूर्ण रूप से दवा का सेवन है। उन्होंने बताया कि एमडीए अभियान के दौरान प्रशिक्षित ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर घर-घर जाकर निःशुल्क दवा खिलाएंगे।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को दवा वितरण की प्रक्रिया, सही डोज, संभावित दुष्प्रभावों की पहचान एवं प्राथमिक उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि
गर्भवती महिलाएं, दो वर्ष से कम आयु के बच्चे एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी।

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में विशेष टीमें गठित की गई हैं। कार्यक्रम में फाइलेरिया उन्मूलन के सामाजिक एवं जनजागरूकता पहलुओं पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसके सेवन से ही संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सकता है।

अभियान के तहत स्वास्थ्य प्रबंधक, पर्यवेक्षक, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर सकें।

डॉ. मिश्रा ने कहा,

“हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि कोई भी व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रह जाए। यदि हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो दरभंगा जिला शीघ्र ही फाइलेरिया मुक्त घोषित किया जा सकता है।”

इस अवसर पर भीडीसीओ बबन कुमार, आशुतोष कुमार, पिरामल संस्था एवं डब्ल्यूएचओ के कर्मी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।