पोस्टमार्टम के बाद बरामदे में छोड़ा गया शव, रात में कुत्तों ने चेहरे को नोच डाला; सवालों के घेरे में स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस
पोस्टमार्टम के बाद बरामदे में छोड़ा गया शव, रात में कुत्तों ने चेहरे को नोच डाला; सवालों के घेरे में स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस
पोस्टमार्टम के बाद बरामदे में छोड़ा गया शव, रात में कुत्तों ने चेहरे को नोच डाला; सवालों के घेरे में स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस
दस्तक 7मीडिया /
सीवान जिले से सामने आई यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि समाज की मानवीय संवेदनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
घटना सीवान शहर के आनंद नगर मुहल्ले की है, जहां एक शिक्षिका के शव के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार हुआ, जिसे सुनकर रूह कांप जाए।
मृतका की पहचान पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के श्यामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चमचका मुहल्ला निवासी सोमनाथ गोस्वामी की पत्नी तूलिका चक्रवर्ती के रूप में हुई है। तूलिका अंबेडकर छात्रावास में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। बताया जा रहा है कि शादी की पहली सालगिरह से ठीक एक दिन पहले उन्होंने फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली।
सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार देर रात शव को अस्पताल परिसर के पोस्टमार्टम हाउस के बरामदे में यूँ ही छोड़ दिया गया।
ना तो शव को फ्रीजर में रखा गया, ना ही किसी सुरक्षित स्थान पर।
हैरानी की बात यह रही कि उस दौरान अस्पताल कर्मी और पुलिसकर्मी दोनों ही मौके से गायब थे। इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि रात के अंधेरे में आवारा कुत्तों ने शव के चेहरे को बुरी तरह नोच डाला।
मामले का खुलासा तब हुआ जब जिम्मेदारी को लेकर अस्पताल कर्मियों और पुलिस के बीच आपसी विवाद शुरू हो गया। इसके बाद यह अमानवीय सच सामने आया।