एकता की अनूठी मिसाल, दरभंगा के नवटोल में ‘एक गांव, एक पूजा’ के संकल्प के साथ मां शारदे का भव्य स्वागत।

नवटोल की यह व्यवस्था अनुकरणीय है और अन्य गांवों को भी इससे सीख लेकर ऐसे ही सामूहिक आयोजनों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए- सुजीत कुमार, विधायक

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

मिथिला की पावन धरती पर बिरौल प्रखंड के अंतर्गत आने वाला भवानीपुर पंचायत का नवटोल गांव आज पूरे जिले के लिए एकता और सामूहिकता का प्रतीक बन गया है। जहां आमतौर पर सरस्वती पूजा के अवसर पर टोलों और मोहल्लों में अलग-अलग आयोजन होते हैं, वहीं लगभग आठ हजार की आबादी वाले इस गांव ने परंपरा कायम की है कि पूरी गांव एक ही स्थान पर विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना करेगा।
तीन दिवसीय इस भव्य महोत्सव का केंद्र मध्य विद्यालय नवटोल का परिसर बना हुआ है। पूजा की शुरुआत पंचायत के मुखिया के नेतृत्व में निकाली गई भव्य कलश शोभायात्रा से हुई, जिसमें गांव की बेटियों और महिलाओं के साथ-साथ हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुजीत कुमार ने कार्यक्रम में शिरकत की और विद्यालय परिसर के सटे पीछे नवनिर्मित स्थायी मंदिर परिसर का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक सुजीत कुमार
ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरे गांव का एक ही स्थान पर पूजा का आयोजन करना न केवल अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को भी मजबूत करता है। नवटोल की यह व्यवस्था अनुकरणीय है और अन्य गांवों को भी इससे सीख लेकर ऐसे ही सामूहिक आयोजनों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि एक ही स्थान पर पूजा होने से फिजूलखर्ची कम होती है और गांव के युवाओं की ऊर्जा एक सकारात्मक दिशा में लगती है। तीन दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ज्ञानवर्धक चर्चाओं का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें गांव का बच्चा-बच्चा अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है। नवटोल का यह सामूहिक प्रयास न केवल धार्मिक श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि यह आधुनिक समाज के लिए एक संदेश भी है कि एकजुटता में ही असली शक्ति है। मौके पर सुनील झा, समाज सेवी जितेन्द्र सिंह, विरेन्द्र सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।