पीएचसी से नाला एक्सप्रेस तक: इलाज कराने गया कैदी बना ‘भागने का उस्ताद,दृश्य को देखने उमड़े लोग ,हंसते हंसते लोग हो रहें थें मस्त,नजारा ही था कूछ अलग।

दस्तक 7मीडिया,दरभंगा /गुड्डू राज 

बहादुरपुर स्वास्थ्य केंद्र पर आज इलाज कम और रोमांच ज्यादा देखने को मिला। पीएचसी पर मेडिकल जांच कराने पहुंचे दो कैदियों में से एक ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि पुलिस की धड़कनें सीधा सायरन मोड में चली गईं।

जैसे ही मौका मिला, शातिर कैदी ने पुलिस को चकमा दिया और दौड़ लगाते हुए मनरेगा भवन के सामने बने बड़े और लंबे नाले में कूद गया। कैदी को लगा कि नाला उसे आज़ादी तक पहुंचा देगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

नाले के अंदर कैदी और बाहर पुलिस — नज़ारा किसी एक्शन-कॉमेडी फिल्म से कम नहीं था। काफी मशक्कत, समझाइश और रणनीति के बाद आखिरकार पुलिस ने नाले से “मछली” निकाल ही ली। पकड़ा गया कैदी लहेरियासराय थाना क्षेत्र के रहमगंज निवासी मोहम्मद रफीक आलम का पुत्र मो. जैदा कुरैशी निकला।

बताया जा रहा है कि जब कैदी भागा, तो पुलिस की सांसें कुछ देर के लिए रुक-सी गई थीं। हालांकि राहत की सांस तब आई जब कैदी फिर से पुलिस के कब्जे में आ गया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद उक्त कैदी के विरुद्ध बहादुरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। वहीं जानकारी के अनुसार, दोनों कैदियों को लहेरियासराय थाने से बहादुरपुर पीएचसी मेडिकल जांच के लिए लाया गया था, लेकिन एक ने जांच की जगह “भागने का टेस्ट” दे डाला।

कुल मिलाकर, बहादुरपुर पीएचसी आज इलाज से ज्यादा हंसी और हलचल का केंद्र बना रहा।