उप नगर आयुक्त के खिलाफ फूटा दुकानदारों का गुस्सा, पुतला दहन,दरभंगा में लाठीचार्ज के विरोध में सैकड़ों दुकानदार सड़कों पर उतरे। पत्रकारों का एक शिष्टमंडल उप मेयर की शिकायत आयुक्त से की।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /गुड्डू राज 

प्रदेश भाजपा नेता व व्यवसायी अशोक नायक सहित दुकानदारों पर हुए कथित बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को दरभंगा नगर निगम के उप नगर आयुक्त और नगर आयुक्त के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया।वहीं दूसरी और पत्रकारों का एक शिष्टमंडल पत्रकारों के साथ हुये दुर्व्यवहार को लेकर आयुक्त से भेंट कर उप मेयर के खिलाफ शिकायत की ,और कहा कि इस दुर्व्यवहार को लेकर उपमेयर के खिलाफ कारवाई हो।

“उप नगर आयुक्त मुर्दाबाद”, “नगर आयुक्त मुर्दाबाद”, “दुकानदारों को न्याय दो” और “उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करो” जैसे नारों के साथ सैकड़ों दुकानदार डाक बंगला से मार्च करते हुए चट्टी चौक पहुंचे, जहां दोनों अधिकारियों का पुतला दहन किया गया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पटना उच्च न्यायालय (CWJC संख्या 13134/24) के स्पष्ट आदेश के बावजूद उप नगर आयुक्त द्वारा लहेरियासराय बी.के. रोड स्थित चार दुकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया, जो न्यायालय की अवमानना है। दुकानों में रखे कपड़े, दवाइयां व अन्य सामान नष्ट हो गए, जिससे दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

दुकानदारों ने बताया कि इस कार्रवाई के विरोध में वे शांतिपूर्वक धरने पर बैठे थे, तभी उप नगर आयुक्त के निर्देश पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। इस घटना में दर्जनों दुकानदार घायल हो गए, जिनका इलाज डीएमसीएच में कराया गया।

प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि घटना का लाइव प्रसारण कर रहे मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और कैमरा छीनने का प्रयास हुआ, ताकि कथित अवैध कार्रवाई जनता के सामने न आ सके। कई दुकानदारों को घंटों तक डाक बंगला परिसर में बंधक बनाकर रखा गया।

दुकानदारों के अनुसार, उच्च न्यायालय का स्पष्ट निर्देश था कि पहले बी.के. रोड के पीछे नया बाजार भवन बनाकर सभी दुकानदारों को पुनर्स्थापित किया जाएगा, उसके बाद ही पुरानी दुकानों को खाली कर तोड़ा जाएगा। उप नगर आयुक्त स्वयं न्यायालय में उपस्थित होकर काउंटर एफिडेविट दाखिल कर चुके थे कि छह माह में नया बाजार भवन बनाकर दुकानदारों को बसाया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद आदेश की अवहेलना की गई।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दरभंगा न्यायालय के केस संख्या 2/1996 की डिग्री की जानकारी उच्च न्यायालय में छुपाई गई और निगम द्वारा इस मामले को दबाने का प्रयास किया गया।

प्रदर्शन में दरभंगा नगर निगम व्यवसाय महासंघ ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक नायक के साथ देवेंद्र झा, शंकर चौधरी, पिंकी झा, दीपक जयसवाल, प्रवीण झा, मनोज चौधरी, एजाज अहमद, प्रभाकर सिंह, आनंद मिश्रा, नरसिंह यादव, राजेश चौधरी, सुमन गुप्ता, पंकज सोनी, विकाऊ चौधरी, संजीव मुखिया, सुनील जी सहित सैकड़ों दुकानदार शामिल थे।

दुकानदारों और पत्रकारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।आयुक्त ने पत्रकारों को भरोषा दिलाया हें।