वन्यजीव  खाल की तस्करी का भंडाफोड़ : केंद्रीय टीम की निशानदेही पर चार गिरफ्तार, हिरण और तेंदुए की खाल बरामद

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /गुड्डू राज 

वन प्रमंडल की केंद्रीय टीम की सटीक सूचना और निशानदेही पर स्थानीय वन विभाग की टीम ने वन्यजीव खाल तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान जानवरों की खाल की तस्करी में संलिप्त चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सभी आरोपियों को मधुबनी जिले के झंझारपुर स्थित न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इस संबंध में वन प्रमंडल पदाधिकारी भास्कर चंद्र भारती ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो हिरण और एक तेंदुए की खाल बरामद की गई है। उन्होंने कहा कि इस गिरोह की गतिविधियों पर केंद्रीय टीम कई दिनों से नजर बनाए हुए थी। गहन सत्यापन और पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही स्थानीय टीम के सहयोग से छापेमारी कर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।

गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान मधुबनी जिले के लखनौर थाना क्षेत्र अंतर्गत रहिका निवासी स्व. अरुण कुमार झा के पुत्र अजय कुमार झा उर्फ बबलू, झंझारपुर के दक्षिण बेहट गांव निवासी स्व. राम नारायण झा के पुत्र पंकज कुमार झा, मुजफ्फरपुर जिले के राहुल नगर गांव निवासी स्व. यदुनंदन प्रसाद के पुत्र धीरज कुमार तथा पूर्वी चंपारण जिले के फेनारा थाना क्षेत्र के कुम्हरार गांव निवासी बृजेंद्र कुमार सिंह के पुत्र चंदन कुमार सिंह के रूप में की गई है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हिरण और तेंदुए की खाल की कीमत बेहद अधिक होती है, जिसके चलते इस तरह के संगठित गिरोह सक्रिय रहते हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। वन विभाग अब इनके अन्य सहयोगियों और तस्करी के नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुट गया है।

इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। वन विभाग ने साफ किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।