महिला थाना कांड में बड़ा एक्शन ,दुष्कर्म के आरोपी कथावाचक श्रवण दास गिरफ्तार ,चर्चित मौनीबाबा फरार ,कथावाचक को 14दिन की न्यायिक हिरासत।
महिला थाना कांड में बड़ा एक्शन ,दुष्कर्म के आरोपी कथावाचक श्रवण दास गिरफ्तार ,चर्चित मौनीबाबा फरार ,कथावाचक को 14दिन की न्यायिक हिरासत।
महिला थाना कांड में बड़ा एक्शन ,दुष्कर्म के आरोपी कथावाचक श्रवण दास गिरफ्तार ,चर्चित मौनीबाबा फरार ,कथावाचक को 14दिन की न्यायिक हिरासत।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय
आखिरकार दरभंगा पुलिस ने महिला थाना में दर्ज कांड( 182/25)के आरोपी कथावाचक श्रवण दास को गिरफ्तार कर लिया हे। गिरफ्तारी के बाद कथावाचक को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया हे। वहीं शहर के चर्चित मौनी बाबा की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई हे। पुलिस का कहना हे कि मौनी बाबा फरार हो गये हे लेकिन उनकी गिरफ्तारी को लेकर भी एसआईटी की टीम काम कर रही हे।
यहां बता दे कि कथावाचक और मौनी बाबा को लेकर दस्तक 7मीडिया लगातार खबर छाप रही हे।
दरअसल तात्कालीन डीआईजी स्वप्ना गौतम मेश्राम के द्वारा गठित की गई टीम ने बहादुरपुर थाना क्षेत्र के हाउसिंग कॉलोनी स्थित एक मकान से कथावाचक को गिरफ्तार किया हे।
बिहार के डीजीपी विनय कुमार के निर्देश के बाद ही दरभंगा पुलिस हरकत में आयी और कथावाचक की गिरफ्तारी संभव हो सकी हे वहीं मौनी बाबा भी इस कांड के आरोपी हे ,जो फरार बताए जा रहें हे।
दस्तक 7दरभंगा के विधि संवाददाता के अनुसार
जिले के चर्चित महिला थानाकांड सं.182/25 में नाबालिग से दूष्कर्म के आरोपी चर्चित कथावाचक श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर गिरफ्तार हो गये हे।महिला थाना की पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कथावाचक को पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत में प्रस्तुत किया।जहां कोर्ट ने अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में लेकर चौदह दिनों के लिए न्यायिक अभिरक्षा में दरभंगा जेल भेज दिया है।आरोप है कि शादी का झांसा देकर एक नाबालिग पीड़िता के साथ दूष्कर्म करने के आरोप में महिला थाना में प्राथमिकी सं.182/25 संस्थित हुई थी। जिसमें श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर और राम उदित दास उर्फ मौनी ,जो बिरौल थानाक्षेत्र के पड़री गांव के निवासी तथा वर्तमान में रामजानकी मंदिर पचाढी छावनी, वार्ड नं 42,थाना लहेरियासराय को नामजद आरोपी बनाया गया है।इसी मामले में अभियुक्त श्रवण दास की ओर से अग्रिम जमानत याचिका सं.03/26 पॉक्सो कोर्ट में 7 जनवरी को अर्पित की गई थी।जिस याचिका को सुनवाई के लिए 17 जनवरी की तिथि निर्धारित थी।लेकिन जिला बार एसोसिएशन की ओर से अपने सदस्य अधिवक्ता के निधन को लेकर पूर्वाहन काल में शोक सभा आयोजित कर सभी अधिवक्ता अपने को न्यायिक कार्य से अलग रहने का निर्णय कर न्यायालयों को सुचित कर दिया।जिस वजह से याचिका पर सुनवाई नही हो पाई।अब अभियुक्त इस मामले में काराधीन हो चुका है।ऐसे में उनकी अर्पित याचिका निष्प्रभावी हो गई।अब काराधीन अभियुक्त नियमित जमानत की अर्जी लगाने के लिए स्वतंत्र हैं।