नरक निवारण चतुर्दशी पर नदैय के बाबा चंदेश्वर नाथ महादेव मंदिर में हजारों भक्तों ने की जलाभिषेक

दस्तक7मिडिया, गौड़ा बौराम, दरभंगा।

प्रखंड के नदैय गांव स्थित बाबा चंदेश्वर नाथ मंदिर में नरक निवारण चतुर्दशी के पावन पर्व पर हजारों भक्तों ने हर हर महादेव की गूंजों के साथ महादेव की शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। यह वह व्रत है जिसमें मिथिला के बच्चा बच्चा रखता है।सही विधि से पूजा और व्रत रखने पर शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
सनातन परंपरा में कई ऐसे व्रत और पर्व बताए गए हैं, जो सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इंसान के कर्म, सोच और जीवन के रास्ते को भी सही दिशा देने का काम करते हैं। इन्हीं खास व्रतों में से एक है नरक निवारण चतुर्दशी। यह व्रत माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है और इसका सीधा संबंध भगवान शिव की कृपा से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से व्यक्ति को अपने पिछले जन्मों और इस जन्म में हुई गलतियों से राहत मिलती है। आज के समय में जब इंसान तनाव, गलत फैसलों और अनजाने पापों के बोझ के साथ जी रहा है, तब ऐसे व्रत लोगों को आत्मिक शांति देने का जरिया बनते हैं। नरक निवारण चतुर्दशी को लेकर यह विश्वास है कि जो भक्त इस दिन नियम से व्रत रखता है और शिव भक्ति में लीन रहता है, उसे मृत्यु के बाद नर्क का भय नहीं सताता।
यही वजह है कि इस दिन शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।