वरिष्ठ आईपीएस प्रवीण वशिष्ठ ने ली वीआरएस, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना, 1991 बैच के डीजी रैंक अधिकारी, 31 मई 2026 को होने वाले थे सेवानिवृत्त, केंद्रीय सतर्कता आयोग में सतर्कता आयुक्त बनने से पहले लिया फैसला
वरिष्ठ आईपीएस प्रवीण वशिष्ठ ने ली वीआरएस, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना, 1991 बैच के डीजी रैंक अधिकारी, 31 मई 2026 को होने वाले थे सेवानिवृत्त, केंद्रीय सतर्कता आयोग में सतर्कता आयुक्त बनने से पहले लिया फैसला
वरिष्ठ आईपीएस प्रवीण वशिष्ठ ने ली वीआरएस, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना,
1991 बैच के डीजी रैंक अधिकारी, 31 मई 2026 को होने वाले थे सेवानिवृत्त, केंद्रीय सतर्कता आयोग में सतर्कता आयुक्त बनने से पहले लिया फैसला
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
बिहार कैडर के 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं डीजी रैंक के पदाधिकारी प्रवीण वशिष्ठ ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। राज्य के गृह विभाग ने उनके वीआरएस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। पुलिस महकमे में इसे एक अहम प्रशासनिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि आईपीएस अधिकारी प्रवीण वशिष्ठ का नियमित सेवानिवृत्ति कार्यकाल 31 मई 2026 को पूरा होना था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने सेवा से अलग होने का निर्णय लिया। वे वर्ष 2016 से लगातार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे और राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
बिहार के डीजीपी विनय कुमार के बैचमेट,और दोनों थें अच्छे मित्र।
प्रवीण वशिष्ठ वर्तमान बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार के बैचमेट हैं। दोनों अधिकारियों ने अपने सेवाकाल में दरभंगा में भी रहें हुये हे।भावनात्मक और पेशेवर स्तर पर उनके बीच सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं और पुलिस महकमे में उन्हें अच्छे मित्रों के रूप में भी जाना जाता है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में निभाईं अहम जिम्मेदारियां
प्रवीण वशिष्ठ का पुलिस सेवा में करियर बेहद प्रभावशाली रहा है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने नीति निर्माण और प्रशासनिक प्रबंधन से जुड़े कई अहम दायित्व निभाए। वीआरएस लेने से पहले वे केंद्रीय गृह मंत्रालय में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे।
सीवीसी में सतर्कता आयुक्त नियुक्त
उनके बेदाग और अनुशासित सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए हाल ही में उन्हें केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में सतर्कता आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। इसी संवैधानिक पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए उन्होंने वीआरएस का अनुरोध किया था। गृह विभाग ने उनके आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए तीन माह पूर्व नोटिस की अनिवार्य शर्त को शिथिल कर दिया और उन्हें तत्काल प्रभाव से स्वीकृति प्रदान की।
पुलिस सेवा में अलग पहचान
अपने लंबे सेवाकाल में डीजी प्रवीण वशिष्ठ ने अनुशासन, प्रशासनिक दक्षता और नीतिगत फैसलों के जरिए पुलिस सेवा में अलग पहचान बनाई। उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को लेकर पुलिस महकमे में काफी चर्चा है