बिरौल सीएचसी में उपचार के दौरान मौत,’गलत दवा’ या ‘प्रोटोकॉल का पालन’?
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने आरोप को निराधार बताया।

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

दरभंगा जिला के बिरौल थाना अंतर्गत रजवा गांव के निवासी अजय कुमार सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एक बार फिर विवादों के केंद्र में खड़ा कर दिया है। परिजनों ने सीधे तौर पर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और गलत चिकित्सा पद्धति का आरोप लगाया है।परिजनों और पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, यह मामला 5 जनवरी से शुरू हुआ। अजय को अस्पताल लाया गया जहां लैब तकनीशियन द्वारा जांच के बाद उन्हें यक्ष्मा रोग घोषित किए जाने के बाद चिकित्सक ने उसे संबंधित रोग की दवाएं देने की सलाह दी। दवा के 5 दिनों के सेवन के बाद अजय की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ने लगी। दोबारा अस्पताल लाने पर चिकित्सक ने पुरानी दवा बदलकर नई दवा दी, लेकिन इलाज के दौरान ही अजय ने दम तोड़ दिया।
मृतक के भाई, छोटू सिंह ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर दो बड़े सवाल उठाते हुए कहा कि अजय को यक्ष्मा रोग नहीं था और गलत रिपोर्ट के आधार पर दी गई दवाओं ने उनकी जान ले ली। अब सवाल उठता है कि उपचार के दौरान सही निगरानी की कमी और दवा के प्रतिकूल प्रभावों को गंभीरता से न लेना।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. भगवान दास ने इन आरोपों को “निराधार” बताया है। उनके अनुसार
दवाएं मानक प्रक्रियाओं और विधिवत जांच के बाद ही शुरू की गई थीं। मामले की गंभीरता और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर डीएमसीएच पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आवेदन मिलने पर आगे की जांच की जाएगी। पुलिस अब पोस्टमार्टम के नतीजों का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।