शिक्षा विभाग के विविध कार्यों की समीक्षा,डीएम ने स्कूलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा 

समाहरणालय स्थित अंबेडकर सभागार में आज जिलाधिकारी  कौशल कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के कार्यों को लेकर एक विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की प्रगति, ई-शिक्षा कोष के अंतर्गत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति, विभिन्न वर्गों के छात्रों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की अद्यतन स्थिति, यू-डायस डेटा की समयबद्ध प्रविष्टि, विद्यालयों में आवश्यक भौतिक संसाधनों की उपलब्धता, विद्यालय संचालन की नियमितता एवं मध्यान्ह भोजन योजना सहित अन्य बिंदुओं पर बिंदुवार समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) को निर्देश दिया कि अपने-अपने कार्यक्षेत्र के सभी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों का सही मूल्यांकन किया जा सके। मानक के अनुरूप विद्यालयों का निरीक्षण नहीं करने पर संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को फटकार भी लगाई गई।

भवनहीन विद्यालयों के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि भूमि चयन कर अंचलाधिकारी के माध्यम से पत्र प्रेषित किया जाए, जिससे भवन निर्माण हेतु एस्टीमेट तैयार किया जा सके।
किलकारी भवन में चल रहे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का भी निर्देश दिया गया।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों के निष्पादन हेतु विशेष टीम गठित कर 15 दिनों के भीतर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया गया। इसके लिए कॉलेजों से भी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को 100 प्रतिशत विद्यार्थियों का APAR ID कार्ड बनाने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी बिंदुओं पर निरंतर अनुश्रवण करने का निर्देश दिया, ताकि लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन हो सके।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराई जाए। बिना सूचना के अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पिछली बैठक में अनुपस्थित पाए गए 900 शिक्षकों एवं दिनांक 13 जनवरी 2026 को अनुपस्थित पाए गए 804 शिक्षकों के संबंध में जांच कर वेतन कटौती का निर्देश डीपीओ स्थापना को दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय में शत-प्रतिशत शिक्षक उपस्थिति अनिवार्य है। उपस्थिति दर्ज कर विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को निलंबित किया जाएगा।
उन्होंने जिले के सभी 2586 विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर भौतिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय एवं तत्परता के साथ संस्थान स्तर पर लंबित आवेदनों का निष्पादन करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि यू-डायस डेटा की समय पर एवं सटीक प्रविष्टि विद्यालय प्रधानों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में समग्र शिक्षा, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, विद्यालय निरीक्षण, आधार एवं APAR स्टेटस, मध्यान्ह भोजन सहित अन्य बिंदुओं की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मी यह सुनिश्चित करें कि जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं डिजिटल रूप से सशक्त शिक्षा उपलब्ध हो।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, डीपीओ स्थापना अवधेश कुमार, अभियंता, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।