दस्तक 7मीडिया की खबर का असर: पीड़ित युवक से मारपीट मामले में ताजपुर थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
दस्तक 7मीडिया की खबर का असर: पीड़ित युवक से मारपीट मामले में ताजपुर थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
दस्तक 7मीडिया की खबर का असर: पीड़ित युवक से मारपीट मामले में ताजपुर थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
दस्तक 7मीडिया की खबर का आखिरकार बड़ा असर देखने को मिला है। ताजपुर थाना क्षेत्र में एक पीड़ित युवक के साथ कथित रूप से की गई बर्बर पिटाई के मामले में समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने ताजपुर थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसपी ने इस गंभीर मामले की जांच का जिम्मा एएसपी संजय पाण्डेय को सौंपा था। एएसपी द्वारा सौंपे गए जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। निलंबित पुलिसकर्मियों में ताजपुर थानाध्यक्ष, कांड के अनुसंधानकर्ता तथा एक सिपाही शामिल हैं।
दरअसल, चोरी के आरोप में एक युवक के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया था। आरोप था कि युवक के प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था, लेकिन घटना के करीब पांच दिन बीत जाने के बावजूद कोई ठोस पुलिस कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
इसके बाद दस्तक 7मीडिया ने मामले की पड़ताल कर पीड़ित की आवाज़ को प्रमुखता से उठाया और इस अमानवीय कृत्य को उजागर करते हुए खबर प्रकाशित की। खबर प्रकाशित होते ही मामला उच्च स्तर तक पहुंचा। बिहार के डीजीपी ने स्वयं इस प्रकरण का संज्ञान लिया और तत्कालीन डीआईजी स्वप्ना गौतम मेश्राम को जांच के निर्देश दिए।
डीआईजी के निर्देश के बाद समस्तीपुर एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि निष्पक्ष जांच के लिए प्रकरण एएसपी को सौंपा गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने त्वरित और कड़ा कदम उठाते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून के रक्षक अगर कानून तोड़ेंगे तो उन पर भी समान कार्रवाई होगी।