दरभंगा ,संजय कुमार राय

एक करोड़ साठ लाख रुपये की ठगी के मामले मे प्राथमिकी के दर्ज हुये करीब डेढ़ माह हो गये लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई हैं।

कई अपने भी अपनो को बना लेते हैं शिकार 

जिस व्यवसायी से एक करोड़ साठ रुपये की ठगी हुई वह व्यवसायी इस बात से चिंतित हैं कि भला कोई परिचित व्यक्ति भी इस तरह से दगा दें सकता हैं। शहर के चर्चित व्यवसायी दिनेश कुमार दारुका का कहना हैं कि संगीत जाजोदिया पर उन्हें भरोसा था ,एक विश्वास था लेकिन वह अभिषेक राज के साथ मिलकर ऐसी ठगी करेगा यह विश्वास नहीं था। श्री दारुक का कहना हैं कि वे अभिषेक राज को जानते भी नहीं थे लेकिन संगीत के कारण वह पैसा देते चले गये। श्री दारुका अब कहते हैं कि दोनों ने मिलकर यह ठगी की हैं।चर्चित व्यवसायी दिनेश कुमार दारुका कहते हैं कि
टोयटा एजेंसी दिलाने के नाम पर इन दोनों ने मुझसे ठगी तो की ही ,ऐसा लगता हैं कि ये ठग और लोंगों को भी इस ठगी का निशाना ना बना दें ? दरअसल अभिषेक राज कंसल्टेंसी एंजेसी चलाता हैं और श्री दारुका से जो पैसे लिया हैं वह पैसा सूर्योदय स्माल फाइनेंस बेंक लिमिटेड़ पंजाबी बाग के शाखा मे लिया हैं और यह खाता भी वह फर्जी तरीके से खोल कर रखा हैं।
यही नहीं अभिषेक राज टोयटा कंपनी के नाम से फर्जी मेल बनाकर और उस फर्जी मेल के नाम से श्री दारुका को मेल भेजा करता था। यही नहीं टोयटा मोटर डीलर कोड 09256981BR से भी खाता खोले हुये हैं जो फर्जी हैं। ऐसे मे टोयटा कंपनी को भी चाहिये कि अभिषेक राज के विरुद्ध एफआईआर करें ताकि अन्य लोग ठगी का शिकार नहीं हो।
पूरा कहानी आगे पढ़िये।

दरभंगा के एक बड़े व्यवसाई से एक करोड़ साठ लाख ठगी का मामले सामने आया हैं। यह ठगी दो लोंगों के तालमेल से की गई हैं ,ठगों ने यह ठगी दरभंगा मे टोयटा एजेंसी दिलाने के नाम पर की हैं।
इस मामले मे ठगी के शिकार हुये नगर थाना क्षेत्र के गुल्लोंबाड़ा निवासी दिनेश कुमार दारुका ने नगर थाना मे आवेदन देकर दो लोंगों के विरुद्ध प्राथमिकी( 211/23) दर्ज कराया हैं। दर्ज प्राथमिकी मे नगर थाना क्षेत्र के लालबाग मुहल्ला निवासी स्व ओम जजोदिया के पुत्र संगीत जाजोदिया एवं विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के लक्ष्मी सागर मुहल्ला के रोड नंबर 4मे रहने वाले आनंद बिहारी शरण के पुत्र अभिषेक राज का नाम शामिल हैं।
पीड़ित दिनेश कुमार दारुका ने कहा हैं कि मे अपने पुत्र के व्यवसाय को लेकर चिंतित था ,वैसे मेरा लड़का मुंबई मे बीकॉम का छात्र हैं। श्री दारुका ने कहा कि कई लोंगों से मेरी बातचीत हो रही थी कि आखिर कौन सा व्यवसाय किया जाय। इसी बीच संगीत जाजोदिया ने मुझसे एक दिन आकर कहा कि दरभंगा शहर मे टोयटा का शो रूम नहीं हैं। इसे आप ले लीजिये। संगीत ने श्री दारुका से कहा कि मेरा एक दोस्त हैं जो दिल्ली के नोएडा मे रहता हैं और अपना कंसल्टेंसी खोले हुये हैं और बड़ी बड़ी कंपनियों का एजेंसी दिलवाता हैं। श्री दारुका का कहना हैं कि संगीत ने अभिषेक राज का पता दिया और उसका फोन नंबर दें दिया। यही नहीं संगीत ने अभिषेक राज से मुझे संपर्क कराया और कहा कि आदमी परफेक्ट हैं आप इससे बात कीजिये। श्री दारुका ने कहा कि अभिषेक से जब बात हुई तो उसने बताया कि वर्तमान मे टोयटा कंपनी दरभंगा मे शो रूम खोलना चाह रही हैं ,अगर आप इच्छुक हैं तो अप्लाई कीजिये। इसके बाद अभिषेक ने कहा कि मे पूरा काम करवा दूंगा लेकिन मे काम कराने का फीस 13लाख 50हजार लूंगा। इस बात पर दोनों की सहमति बन गई। इस बीच और भी बात हो रही थी। श्री दारुका ने इस बात की जानकारी भी संगीत को दिया। संगीत ने कहा कि अपना ही आदमी हैं। उस पर विश्वास हैं। कुछ दिन बात होने के बाद मे आश्वस्त हो गया। श्री दारुका ने कहा कि इसके बाद अभिषेक के खाता पर 22/10/21को आरटीजीएस HDFCR52021102272648788 के द्वारा खाता संख्या 10078552254 एचडीएफसी बेंक मे भेज दिया। कुछ दिनों के बाद अभिषेक ने फोन कर कहा कि आपका आवेदन टोयटा कंपनी ने स्वीकृत कर लिया हैं। अब आपको कंपनी के नाम से 1,50,00000(डेढ़ करोड़ )रुपये टोयटा के मोटर डीलर कोड नंबर 09256981BR के नाम से डीडी बनाकर हमें यथा शीघ्र दीजिये ,यह राशि जमा होते ही डीलरशिप का लेटर आपके पक्ष मे चला जाएगा। श्री दारुका ने इस बात की जानकारी फिर से संगीत को दी। संगीत ने श्री दारुका से कहा कि अपना आदमी हैं विश्वासी हैं आप पैसा दें दीजिये। श्री दारुका ने कहा कि संगीत के कहने पर पहली बार 60लाख (9/3/22)को दूसरी बार फिर 30लाख (9/6/22)को एवं फिर 60लाख रुपये 9जून 22को ही सभी ड्राफ्ट के माध्यम से दिया। कुछ दिनों के बाद अभिषेक ने एक फर्जी मेल कंपनी के नाम से भेजा कि 19दिसंबर 22को कंपनी इंटरव्यू लेगा। लेकिन 19दिसंबर को कंपनी के तरफ से कोई इंटरव्यू लेने नहीं आया। फिर मुझे शक हुआ। फिर मैंने टोयटा कंपनी से संपर्क किया तो कंपनी ने बताया कि टोयटा मोटर डीलर कोड 09256981BR ,इस नाम से मेरी कोई कंपनी नहीं हैं। श्री दारुका कहना हैं कि इसके बाद मुझे शक हो गया कि पैसा ठग लिया गया हैं। इसके बाद जब अभिषेक राज से श्री दारुका बातचीत करते थे तो गोल मटोल वह जवाब देता था और यह ठगी हो गयी।