बिरौल नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार और अतिक्रमण के विरुद्ध उठी आवाज, राजद नेता ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

बिरौल नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर स्थानीय राजनीति और प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। राजद नेता सह वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश कुमार ने नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बिरौल अनुमंडल पदाधिकारी को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा है। इसमें सड़क सीमांकन, होर्डिंग टैक्स में पारदर्शिता और सरकारी राशि के बंदरबांट जैसे ज्वलंत मुद्दों पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
अधिवक्ता कैलाश कुमार ने आवेदन में स्पष्ट किया कि नगर पंचायत प्रशासन बिना किसी सरकारी अमीन द्वारा सीमांकन किए ही आम जनता और छोटे व्यवसायियों से अतिक्रमण के नाम पर चालान काट रहा है। उन्होंने मांग की है कि मेघीया डीह (स्टेशन रोड), डुमरी मोड़, जनपट्टी, बस स्टैंड और बाजार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पहले अमीन के जरिए वास्तविक सीमा तय की जाए।बिना नापी के चालान काटने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगे। लालपुर पोखर और सीपो पोखर सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों से वास्तविक अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर हटाया जाए।
नगर पंचायत द्वारा वसूले जा रहे होर्डिंग टैक्स पर सवाल उठाते हुए राजद नेता ने कहा कि जनता इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ है कि किस आधार पर और कितनी राशि वसूली जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भुगतान की प्रक्रिया और शुल्क की दरों को सार्वजनिक किया जाए। सफाई, पेयजल, कंबल वितरण और अलाव जैसे मदों में खर्च की गई राशि का विवरण सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित किया जाए ताकि जनता को सच्चाई पता चल सके।
आवेदन में सबसे गंभीर आरोप प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लगाया गया है। आरोप है कि नगर पंचायत में पूर्व से बने पक्के मकानों पर भी राशि का भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। कैलाश कुमार ने इसकी बिंदुवार भौतिक जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
महापुरुषों के सम्मान और सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा
राजद नेता ने बिरौल अनुमंडल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व मंत्री डॉ. महावीर प्रसाद एवं विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के लिए मुख्यालय में उपयुक्त भूमि आवंटित करने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र, बस स्टैंड, खादी भंडार और निबंधन कार्यालय जैसी सरकारी भूमियों को अविलंब अतिक्रमण मुक्त कराने का अनुरोध किया गया है। इस मामले में अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपे गए आवेदन के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है। अधिवक्ता कैलाश कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि जनहित के इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।