बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

महिला एवं बाल विकास निगम, दरभंगा तथा जिला प्रशासन, दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आई.सी.डी.एस.-सह-नोडल पदाधिकारी महिला एवं बाल विकास निगम चाँदनी सिंह, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, दरभंगा सदर  अंजना कुमारी, जिला परियोजना प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह एवं जिला मिशन समन्वयक ऋषि कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सदर परियोजना अंतर्गत सभी आंगनवाड़ी सेविका एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सरकार द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय अभियान में दरभंगा जिला कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने के केंद्र सरकार के दृढ़ संकल्प तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर, जिला प्रशासन दरभंगा द्वारा बाल विवाह उन्मूलन के लिए 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसकी सफलता सुनिश्चित करने हेतु सभी संबंधित सरकारी विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने का संकल्प दोहराया गया।

राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।

जिले में बाल विवाह रोकने हेतु राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए जिला प्रशासन ने इस सामाजिक कुरीति के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में प्रतिबद्धता दोहराई।

जिला परियोजना प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक स्पष्ट एवं लक्ष्य-आधारित रणनीति अपनाई गई है। इसके तहत विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों, उन धार्मिक स्थलों जहाँ विवाह संपन्न होते हैं, विवाह से जुड़े सेवा प्रदाताओं तथा पंचायतों एवं नगर निकाय वार्डों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि बच्चों के विरुद्ध होने वाले इस सदियों पुराने अपराध को समाप्त किया जा सके।

यह अभियान तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है, जिसका अंतिम चरण 08 मार्च 2026, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संपन्न होगा।

वन-स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक अजमतून निशा ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है।